मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के नव नियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह को पदभार ग्रहण के दौरान वाहन रैली निकालना भारी पड़ गया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने उनके खिलाफ कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए मामले के निराकरण तक उनके सभी प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं।
200 वाहनों का काफिला
दरअसल, मंगलवार को सौभाग्य सिंह ने अध्यक्ष पद संभालने के लिए उज्जैन से भोपाल तक करीब 200 वाहनों के काफिले के साथ रैली निकाली थी। इस रैली के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला मुख्यमंत्री कार्यालय के संज्ञान में पहुंचा।
जानिए सीएम के आदेश में क्या-क्या कहा गया
सीएम ऑफिस द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कार्यभार संभालते समय इतनी बड़ी वाहन रैली का आयोजन 'संयमपूर्ण दिशानिर्देशों का प्रत्यक्ष और गंभीर उल्लंघन' प्रतीत होता है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि इस तरह का आयोजन राष्ट्रीय संसाधनों के अपव्यय को दर्शाता है और सामूहिक जिम्मेदारी से जुड़ी अपीलों की अनदेखी करता है।
लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा गया
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने सौभाग्य सिंह से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही अंतिम निर्णय होने तक उन पर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं।
कार्यालय या परिसर में प्रवेश पर भी रोक
आदेश के अनुसार अब वे मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के कार्यालय या परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा निगम की किसी भी सुविधा, वाहन, कर्मचारी या कार्यालय का उपयोग करने पर भी रोक लगा दी गई है। उन्हें निगम की बैठकों में भाग लेने, प्रशासनिक या वित्तीय निर्णय लेने, हस्ताक्षर करने और कर्मचारियों को निर्देश जारी करने से भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।