मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में एक पुरुष और महिला को कथित तौर पर शादी के बाद एक्स्ट्रा-मैरिटल रिलेशनशिप के कारण रस्सियों से बांधकर गांव में घुमाया गया। इस घटना का वीडियो मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड किया गया और सोशल मीडिया पर शेयर किया गया, जिससे लोगों में गुस्सा फैल गया और पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। विवाहेतर प्रेम प्रसंग से जुड़ा यह मामला लोगों के बीच जबरदस्त चर्चा में है, जिसके बाद से लोग इसे बेहद शर्मनाक घटना बता रहे हैं। सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर (SDPO) महेश सुनाया ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि जोड़े को कुछ ग्रामीणों ने बंधक बना लिया है। अधिकारी मौके पर पहुंचे फिर जोड़े को छुड़ाया और उनकी सुरक्षा की।
क्या है पूरा मामला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना सोमवार को ठीकरी पुलिस स्टेशन इलाके के एक गांव में हुई। ऑनलाइन वायरल हो रहे वीडियो में महिला और पुरुष दोनों के हाथ रस्सी से बंधे हुए और वे एक-दूसरे से भी बंधे हुए दिखाई दे रहे हैं। लोगों का एक समूह उन्हें इस अपमानजनक हालत में सार्वजनिक सड़क पर चलने के लिए मजबूर कर रहा है, जबकि आस-पास खड़े लोग अपने फोन पर इस दृश्य को रिकॉर्ड कर रहे हैं। वहीं भारतीय कानून लोगों को भीड़ द्वारा की जाने वाली हिंसा (मॉब जस्टिस), शारीरिक हमले और अपमानजनक व्यवहार से सुरक्षा देता है। हालांकि, आधिकारिक बयानों में घटना के पीछे की असल वजह और आरोपियों की पहचान का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन ग्राफिक वीडियो के फैलने से प्राइवेसी के उल्लंघन और पीड़ितों को और ज्यादा परेशान किए जाने के जोखिम को लेकर चिताएं फिर से बढ़ गई हैं।
पुलिस की कार्रवाई और आरोप
महिला की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत उसके तीन रिश्तेदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन आरोपों में गैर-कानूनी तरीके से बंधक बनाना, मारपीट, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना और इससे जुड़े अन्य अपराध शामिल हैं। SDPO सुनय्या ने पुष्टि की है कि तीनों आरोपी फरार हैं और उन्हें खोजने और गिरफ्तार करने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। रिश्तों को लेकर इस तरह सरेआम बेइज्जती करना और खुद ही सजा देने की कोशिश करना गैर-कानूनी है, चाहे हालात कुछ भी हों।
पुलिस ने वीडियो शेयर न करने की अपील की
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के कंटेंट को शेयर या फॉरवर्ड न करें, क्योंकि इससे पीड़ितों का मानसिक आघात बढ़ सकता है और जांच में भी बाधा आ सकती है। यह मामला इस बात पर जोर देता है कि समुदायों को मामलों को अपने हाथ में लेने के बजाय कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए।
ये भी पढ़ें - बेहद शर्मनाक घटना! इंदौर में दो सैन्य अधिकारियों पर हमला, फिर गर्लफ्रेंड के साथ किया रेप