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महाकाल मंदिर की सुरक्षा परखने के लिए चला ऑपरेशन, NSG कमांडो का चला अभ्यास, रात 2 बजे हुई मॉक ड्रिल

 Written By: India TV MP Bureau Desk
 Published : Oct 23, 2026 11:32 am IST,  Updated : Oct 23, 2026 11:32 am IST

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर में गुरुवार-शुक्रवार की दरमयानी रात एनएसजी मुंबई की टीम ने देर रात मॉक ड्रिल की। करीब 100 कमांडोज ने बुलेटप्रूफ वाहनों के साथ मंदिर परिसर में मॉक ड्रिल की, जिसका उद्देश्य सुरक्षा बलों की तत्परता और प्रतिक्रिया क्षमता को परखना था।

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उज्जैन में हुई मॉक ड्रिल। Image Source : INDIA TV

मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को परखने और आपातकालीन सुरक्षा परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने और श्रद्धालुओं एवं मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी), मुंबई की टीम ने रात 12 से 2 बजे तक मॉक ड्रिल की। यह मॉक ड्रिल श्री महाकाल महालोक स्थित नंदी द्वार से शुरू होकर मानसरोवर क्षेत्र तक जारी रही। एनएसजी कमांडो के साथ पुलिस, प्रशासन और मंदिर प्रबंध समिति की टीम भी थी। इससे पहले महाकालेश्वर मंदिर और मंदिर के आसपास के संवेदनशील इलाकों में भी उच्चस्तरीय सुरक्षा मॉक ड्रिल की जा चुकी है।

इस प्रकार हुई मॉक ड्रील

महाकाल महालोक के नंदी द्वार से रात 12.30 बजे काले कपड़े पहने हथियार लिए एक-एक जवान धीरे-धीरे एक्शन मोड में। एक जवान खंभे के पीछे छिपकर सामने की ओर देख रहा है तो दूसरा उसे कवर कर रहा था। टारगेट ढूंढने के दौरान अचानक अंधेरा हो गया, लेकिन जवानों के मूवमेंट पर कोई असर नहीं पड़ा। वे उसी तेजी से आगे बढ़ते गए। महालोक में बने खंभे उनके लिए सुरक्षा दीवार की तरह काम कर रहे थे। केवल हथियार बाहर दिखाई दे रहे थे। कोने में छुपे एक जवान ने अंधेरे में एक संदिग्ध ढूंढ ही लिया। पहले दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। अफरा-तफरी में घायल एक दर्शनार्थी को अस्पताल पहुंचाने में भी जवान पीछे नहीं रहे। यह सब मॉक ड्रिल का हिस्सा था। जवान थे एनएसजी कमांडो। संदिग्ध, दर्शनार्थी डमी बनाए थे।

पहले भी हो चुकी है मॉक ड्रिल

यहां बता दें कि महाकालेश्वर मंदिर में एनएसजी कमांडो पहले भी सुरक्षा अभ्यास कर चुके हैं। 26 सितंबर 2023 को मंदिर परिसर में आतंकी घटनाओं से निपटने और रेस्क्यू ऑपरेशन का पूर्वाभ्यास किया था। मॉक ड्रील को लेकर उज्जैन के एडिशनल एसपी आलोक शर्मा में बताया कि महाकाल मंदिर देश के प्रमुख मंदिरों में शामिल है, किसी भी प्रकार की आपातकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आज एक एडवांस मॉक ड्रिल की गई है। जिसमे 100 से अधिक एनएसजी कमांडो भी शामिल है। इसके साथ ही मन्दिर प्रशासन और लोकल पुलिस भी है।

मॉक ड्रिल का उद्देश्य

एडिशनल एसपी आलोक वर्मा ने मॉक ड्रिल के उद्देश्य के बारे में बात करते हुए बताया कि इसका उद्देश्य सुरक्षा बलों की तत्परता और आपसी तालमेल को परखना था। आपातकालीन सुरक्षा प्रोटोकॉल की प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए एनएसजी कमांडो ने रियल इमरजेंसी जैसी परिस्थितियों में अभ्यास किया। जहां सीनियर अधिकारियों ने जवानों को ऑपरेशन से संबंधित ब्रीफिंग भी दी।

(उज्जैन से प्रेम डोडिया की रिपोर्ट)

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