Tuesday, February 03, 2026
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मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: 620 करोड़ की 2 सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी, सरदार सरोवर विस्थापितों की रजिस्ट्री मुफ्त होगी

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित आवासीय भूखंडो का पंजीयन फ्री कराये जाने का फैसला लिया है। साथ ही मंत्रि-परिषद द्वारा मैहर एवं कटनी जिले में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 620 करोड़ 65 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

Edited By: Khushbu Rawal @khushburawal2
Published : Feb 03, 2026 10:10 pm IST, Updated : Feb 03, 2026 10:10 pm IST
mohan yadav- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में अहम निर्णय लिए गए।

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदा घाटी की सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित किए गए आवासीय भूखंडो का पंजीयन नि:शुल्क कराये जाने का निर्णय लिया गया। मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अनुसार देय पंजीयन शुल्क एवं स्टॉम्य ड्यूटी की प्रतिपूर्ति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा की जाएगी। इससे 25,600 से अधिक परिवारों को लाभ होगा। इस निर्णय से राज्य शासन पर 600 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा।

मैहर एवं कटनी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी

मंत्रि-परिषद द्वारा मैहर एवं कटनी जिले में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 620 करोड़ 65 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार मैहर एवं कटनी की धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना लागत 53 करोड़ 73 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इससे 3500 हेक्टयर में सिंचाई की सुविधा प्राप्त होंगी और मैहर एवं कटनी जिले के 9 ग्राम के 2810 किसान लाभान्वित होंगे।

कटनी जिले की बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 566 करोड 92 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे, कटनी जिले की बरही एवं विजयराघवगढ़ तहसील के 27 ग्राम के 11,500 किसान लाभान्वित होंगे और 20 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होंगी।

इन 10 योजनाओं की निरंतरता को स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा 6 विभागों की 10 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतरता के लिए 15,009 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार वित्त विभाग की लोक वित्त पोषित 500 करोड़ से कम की 8 योजनाओं के लिए 115 करोड़ 6 लाख रुपये, श्रम विभाग की मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के लिए 5 हजार करोड़ रुपये, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना और स्थापना एवं कार्यालयीन योजनाओं के लिए 3 हजार 376 करोड़ 66 लाख रुपये, पशु पालन एवं डेयरी विभाग की डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना, पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर ब्लॉकग्रांट योजना एवं पशुपालन, पशु विकास और गौ संवर्धन योजना के लिए 6 हजार 472 करोड़ 18 लाख रुपये, महिला एवं बाल विकास की किशोर कल्याण निधि योजना और घरेलू हिंसा पीड़िता के लिए सहायता योजना के लिए 24 करोड़ 70 लाख रूपये और पिछड़ा वर्ग एवं अन्य कल्याण की अल्पसंख्यक स्वरोजगार/उद्यम योजना के लिए 21 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

अन्य फैसले

मंत्रि-परिषद द्वारा मध्य प्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग कर कर्मचारियों का संविलयन महिला बाल विकास विभाग में करने की स्वीकृति प्रदान की गई।

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