भोपाल: मध्य प्रदेश में सियासी पारा बढ़नेवाला है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी प्रदेश का दौरान करने वाले हैं। इन दोनों नेताओं के दौरों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। दोनों नेताओं का दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों, खासकर शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती व्यवस्था में सुधार को लेकर राजनीतिक बहस तेज है।
17 सितंबर को नितिन नवीन का दौरा
बीजेपी ने एक बयान में बताया कि नवीन, पीएम मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को इंदौर में केंद्र सरकार की 'स्वामित्व योजना' के तहत नयी राज्यव्यापी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की शुरुआत करेंगे। इसके बाद बीजेपी प्रमुख उज्जैन में क्षिप्रा नदी की आरती और 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम में शामिल होंगे जहां करीब 25 लाख दीप जलाए जाएंगे। वह 18 सितंबर को महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती में शामिल होंगे। बीजपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद नवीन पहली बार मध्यप्रदेश आ रहे हैं।
19 सितंबर को 'छात्रों की गूंज' में शामिल होंगे राहुल गांधी
इसके बाद 19 सितंबर को राहुल गांधी राज्य के प्रमुख शैक्षणिक केंद्र इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में युवाओं से संवाद करेंगे। सूबे के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने संवाददाताओं को बताया, "इंदौर और इसके आस-पास के 30,000 लोगों को स्वामित्व योजना के तहत उनकी संपत्ति का अधिकार पत्र देने का निर्णय लिया गया है। बीजेपी अध्यक्ष नवीन इस अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे।'' उन्होंने बताया कि बहुत कम वक्त के लिए इंदौर आ रहे बीजेपी प्रमुख ने किसी स्वागत रैली में शामिल होने से इनकार कर दिया है और वह केवल 'स्वामित्व योजना' के कार्यक्रम में भाग लेंगे। कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में रैप गायकों को बुलाए जाने पर कटाक्ष किया, ''वे (कांग्रेस) इन गायकों को बेवजह बुला रहे हैं। ऐसे कामों के लिए तो राहुल गांधी ही पर्याप्त हैं।''
नयी पीढ़ी के मुद्दों को उठाएंगे
उधर, प्रदेश कांग्रेस समिति के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा कि भाजपा के राज में शिक्षा व्यवस्था में लगातार गिरावट दर्ज की गई है और लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में नयी पीढ़ी के मुद्दों को उठाएंगे। नायक ने सीजेपी से जुड़े एक सवाल पर कहा, "पिछले दिनों जंतर-मंतर पर छात्रों ने आंदोलन करके देश की झिझक मिटाई और साहस का परिचय दिया। इस आंदोलन ने विपक्षी नेताओं को काम करने के लिए एक लोकतांत्रिक जगह दे दी है।" उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश के युवाओं के प्रासंगिक मुद्दों को विमर्श के केंद्र में लाने के लिए इस लोकतांत्रिक जगह का बहुत अच्छे से इस्तेमाल कर रहे हैं।
कांग्रेस ने पहले इंदौर के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में गांधी का कार्यक्रम 12 सितंबर को आयोजित करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा था कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के एक पुराने आदेश के तहत यह स्टेडियम सिर्फ खेलकूद या राज्यस्तरीय शासकीय आयोजनों के लिए ही दिया जा सकता है। इसके बाद कांग्रेस ने आयोजन की तारीख आगे बढ़ाकर 19 सितंबर कर दी थी और उसे शहर के रीजनल पार्क के सामने एक मैदान में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के आयोजन के लिए जगह आवंटित की गई है। '
बता दें कि छात्रों की गूंज' राहुल गांधी द्वारा शुरू किया गया विद्यार्थी-संवाद अभियान है। इस अभियान के जरिये वह पेपर लीक, महंगी शिक्षा, सरकारी भर्तियों में अनियमितताओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सत्तारूढ़ बीजेपी को घेरने का प्रयास कर रहे हैं। गांधी की अगुवाई में अब तक कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के चार संस्करण आयोजित किए गए हैं। (इनपुट-भाषा)
ये भी पढ़ें:
'बीच में समंदर आ गया, नहीं तो अरब से चुनाव लड़ते', सीएम मोहन यादव ने राहुल गांधी पर साधा निशाना