शाजापुर: शाजापुर जिले के कालापीपल के पास खरदौनकलां गांव के एक खेत स्थित कुएं में 13 हिरण और एक आवारा कुत्ता मृत मिले हैं। रविवार को खेत मालिक कीटनाशक का छिड़काव करने पहुंचे तो कुएं से दुर्गंध आने पर नीचे देखा। सूचना पर वन विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया।
प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि हिरणों का झुंड आवारा कुत्ते से बचने के लिए भाग रहा था। इसी दौरान सभी हिरण कुएं में गिर गए। कुत्ता भी कुएं में गिरने से मर गया। मृत हिरणों में चार नर और नौ मादा शामिल हैं। शव सड़-गल चुके थे, जिससे घटना एक-दो दिन पहले की होने की आशंका है। ग्रामीणों के अनुसार कुएं की मुंडेर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त था, जिससे हिरण गिरने की संभावना जताई जा रही है।
शवों का पोस्टमार्टम करवाया गया
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित प्राणी होने से नियमानुसार, नायब तहसीलदार की मौजूदगी में शव निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया और मौके पर ही अंतिम संस्कार किया गया। कालापीपल क्षेत्र हिरणों की बड़ी आबादी के लिए जाना जाता है। करीब दो माह पहले यहां से लगभग 800 हिरणों को अन्य वन अभयारण्यों में स्थानांतरित किया गया था।
दिल्ली जू में हिरण की संख्या तीन गुना हुई
हाल ही में खबर सामने आई थी कि दिल्ली के चिड़ियाघर के बाड़ों में भी हिरणों को रखने की जगह कम पड़ने लगी है क्योंकि यहां काले हिरण और चीतल, संगाई और बार्किंग हिरणों की तादाद तय क्षमता को पार कर चुकी है। सबसे बड़ी बढ़ोतरी काले हिरण की आबादी में देखी गई। इस मामले के सामने आने से चिड़ियाघर के प्रबंधन की समस्याएं बढ़ गई थीं क्योंकि उनको जानवरों को रखने के लिए जगह की कमी पड़ रही है। इनकी संख्या तय क्षमता 40 के मुकाबले 143 तक पहुंच गई।
बता दें कि हिरण को एक सीधा-साधा जानवर माना जाता है और वह जरा सा खतरा भांपते ही मौके से भागने लगता है। शेर या अन्य मांसाहारी जानवर अक्सर इनका शिकार करते हैं। देश में हिरण के संरक्षण को लेकर काफी प्रयास भी किए जा रहे हैं। (रिपोर्ट- शाजापुर से विनोद जोशी)
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