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मां-बाप ही बने हैवान! सरकारी नौकरी बचाने के लिए खौफनाक घटना को दिया अंजाम, नवजात बच्चे को जंगल में छोड़ा

 Edited By: Amar Deep
 Published : Oct 03, 2025 06:46 pm IST,  Updated : Oct 03, 2025 06:46 pm IST

एमपी के छिंदवाड़ा जिले में मां-बाप ने अपने ही बच्चे को जंगल में छोड़ दिया। नवजात के रोने की आवाज सुनकर एक राहगीर ने पुलिस को इसकी सूचना दी। फिलहाल पुलिस ने नवजात के मां-बाप को गिरफ्तार कर लिया है।

मां-बाप ने नवजात को जंगल में छोड़ा।- India TV Hindi
मां-बाप ने नवजात को जंगल में छोड़ा। Image Source : PEXELS/REPRESENTATIVE IMAGE

छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। इसे जानने के बाद आप भी सोच में पड़ जाएंगे कि माता-पिता ही अपने बच्चे के साथ इस तरह की हैवानियत भरी वारदात को कैसे अंजाम दे सकते हैं। दरअसल, छिंदवाड़ा जिले में एक शिक्षक दंपति ने अपने ही चौथे नवजात बच्चे को जंगल में छोड़ दिया। दंपति ने सरकारी नौकरी जाने के डर से ऐसा कृत्य किया है। अधिकारियों ने बताया कि एक बाइक सवार ने नवजात बच्चे के रोने की आवाज सुनी। इसके बाद उसने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने जांच के बाद दंपति के इस कृत्य का पर्दाफाश किया।

नौकरी जाने के डर से बच्चे को जंगल में छोड़ा

वहीं पुलिस उप-विभागीय अधिकारी कल्याणी बरकड़े ने बताया कि 24 सितंबर को बच्चे का जन्म हुआ था। जन्म के बाद बच्चे के माता-पिता ने उसे अमरवाड़ा तहसील के अंतर्गत नंदनवाड़ी-तहतोरी जंगल में छोड़ दिया था। बचाए जाने के बाद, बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और पुलिस ने उसके माता-पिता की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान अमरवाड़ा तहसील के सिधौली स्थित प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत बच्चे के माता-पिता का आखिरकार पता लगा लिया गया। उन्होंने पुलिस को बताया कि यह बच्चा उनका चौथा बच्चा था और उन्हें डर था कि इसके चलते उनकी सरकारी नौकरी जा सकती है। 

पुलिस ने आरोपी दंपति को किया गिरफ्तार

बता दें कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के अनुसार, यदि किसी सरकारी कर्मचारी का तीसरा बच्चा 26 जनवरी, 2001 के बाद जन्मा है, तो वह कर्मचारी सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य हो जाता है। अधिकारी ने बताया कि बबलू डंडोलिया (38) और राजकुमारी डंडोलिया (28) नामक दंपति को बुधवार को गिरफ्तार किया गया। उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से बाद में उन्हें जमानत मिल गई। खंड शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र वर्मा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह बघेल ने कहा कि उन्होंने दंपति की शिक्षक के रूप में नियुक्ति से संबंधित स्कूल के रिकॉर्ड मंगवाए हैं। उन्होंने कहा कि जांच के बाद उचित कदम उठाए जाएंगे। (इनपुट- पीटीआई)

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