नागपुर: महाराष्ट्र सरकार का शीतकालीन सत्र सात दिसंबर से नागपुर में शुरू हो रहा है। इसके लिए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सत्र की सुरक्षा के लिए सीनियर अधिकारियों समेत करीब 12 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। शिंदे सरकार का यह अंतिम शीतकालीन सत्र है। सत्र हंगामेदार होने की आशंका है। विपक्ष ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर ली है।
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दूसरे जिलों से भी बुलाए गए पुलिसकर्मी
पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने बताया कि सुरक्षा के लिए शहर पुलिस और बाहरी जिलों से आए अधिकारियों का बंदोबस्त किया गया है। पुलिस ने सभी तरह के हालात के मुकाबला करने की तैयारी कर ली है। पुलिस विधान भवन पर दस्तक देने वाले मोर्चे, आंदोलन अथवा विरोध प्रदर्शन के दौरान गड़बड़ी फैलाने वालो से सख्ती से नहीं निपटेगी। पुलिस अतिरिक्त सावधानी बरत रही है। शीत सत्र के बंदोबस्त के लिए नागपुर शहर से 5000 जबकि बाहरी जिलों से 6 से 7000 जवानों को तैनात किया गया है। 1000 होमगार्ड और एसआरपी की 8 कंपनियां भी उनकी मदद करेगी।
प्रदर्शनकारियों से निपटने की तैयारी
शीत सत्र के दौरान 70 से अधिक मोर्चों के दस्तक देने की संभावना है। फिलहाल 50 मोर्चे के विरोध प्रदर्शन की इजाजत के लिए आवेदन दिए हैं। पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने बताया कि पूरे नागपुर को छावनी के रूप में तब्दील कर दिया गया है। वीआईपी की सुरक्षा, विधान भवन की सुरक्षा और मोर्चे को शांतिपूर्वक निपटने को लेकर पुलिसकर्मियों को ब्रीफ कर दिया गया है।
स्पेशलाइज्ड यूनिट के पुलिसकर्मी और अधिकारियों को भी तैनात किया गया है। कोई भी अनियमित गतिविधियां न हो इसके लिए नागपुर पुलिस पूरी तरीके से तैयार है। बता दें कि मराठा आरक्षण को लेकर विरोध प्रदर्शन की आशंका है। वहीं, विपक्ष भी सरकार को कई मुद्दों पर घेर रहा है। सरकार ने भी अपनी तरफ से पूरी तैयारी की है।