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'अगर साथ आना है तो आदित्य को राज ठाकरे से मिलना चाहिए', MNS नेता ने रख दी शर्त

 Published : Jun 05, 2025 12:28 pm IST,  Updated : Jun 05, 2025 12:29 pm IST

बीते कुछ समय से राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के बयानों से अटकलें लगाई जा रही हैं कि करीब दो दशक बाद दोनों नेता मतभेदों को दरकिनार कर फिर से साथ आ सकते हैं।

raj thackeray aditya thackeray and uddhav thackeray- India TV Hindi
राज ठाकरे, आदित्य ठाकरे और उद्धव ठाकरे। Image Source : PTI

महाराष्ट्र के दो प्रमुख ठाकरे बंधु यानि उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे हाथ मिलाएंगे या नहीं, इसको लेकर माहौल अभी भी बना हुआ है। इस बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के नेता प्रकाश महाजन ने एक शर्त रख दी है। महाजन ने कहा कि अगर शिवसेना (UBT) दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर वाकई गंभीर है तो उसके नेता आदित्य ठाकरे को आगे आकर राज ठाकरे से मिलना चाहिए।

MNS नेता ने क्यों दिया मुलाकात का सुझाव?

महाजन ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता वाली शिवसेना यूबीटी में ‘‘उचित’’ कद के किसी नेता को संभावित गठबंधन पर चर्चा के लिए मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के पास जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी जूनियर नेता को बातचीत के लिए भेजा जाता है तो राज ठाकरे भी किसी जूनियर पदाधिकारी को भेजेंगे। उन्होंने कहा, अगर गठबंधन करना है तो आदित्य ठाकरे को आगे आना चाहिए और राज साहेब के विचारों को समझना चाहिए। अगर आदित्य ठाकरे बातचीत के लिए आगे आते हैं तो दोनों पक्ष गंभीरता को समझेंगे। मराठी लोगों में एक साथ आने की भावना है।’’

क्या बोले आदित्य ठाकरे?

आदित्य ठाकरे ने मंगलवार को कहा था कि अगर कोई महाराष्ट्र के हितों की रक्षा के लिए साथ आना चाहता है तो ‘‘हम भी उन्हें साथ लेकर चलेंगे।’’ महाजन ने कहा कि राजनीतिक रूप से अलग हुए ठाकरे भाइयों (उद्धव एवं राज ठाकरे) के साथ आने के इस प्रयोग में कोई बुराई नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने 2014 और 2017 में यह प्रयोग किया था। अगर वे गंभीर हैं, तो इस संबंध में नेतृत्व करने में कोई समस्या नहीं है।’’

उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने इस बात का संकेत देने वाले बयान देकर संभावित सुलह की अटकलों को हवा दे दी है कि वे ‘‘छोटे-मोटे मुद्दों’’ को नजरअंदाज कर सकते हैं और लगभग दो दशक के कटु मतभेद के बाद हाथ मिला सकते हैं। 

चचेरे भाई हैं राज और उद्धव

राज्य के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे शिवसेना यूबीटी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के बेटे हैं और राज ठाकरे उनके चाचा हैं। राज ठाकरे एक वक्त अविभाजित शिवसेना के बड़े चेहरे हुआ करते थे। हालांकि, मनमुटाव के कारण वह 2005 में शिवसेना से अलग हो गए थे। इसके बाद राज ठाकरे ने 2006 में अपनी पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की स्थापना की थी। बीते कुछ समय से राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के बयानों से अटकलें लगाई जा रही हैं कि करीब दो दशक बाद दोनों नेता मतभेदों को दरकिनार कर फिर से साथ आ सकते हैं। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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