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मुंबई अस्पताल में लगी आग मामले में बीएमसी की बड़ी लापरवाही आई सामने

 Reported By: Dinesh Mourya @dineshmourya4
 Published : Mar 26, 2021 04:30 pm IST,  Updated : Mar 26, 2021 04:30 pm IST

मुंबई में एक मॉल में स्थित अस्पताल में आग लगने के बाद 10 मरीजों की मौत हो गई। इस अस्पताल में कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज चल रहा था। इस मामले में एक बड़ी बात सामने आई है।

Big negligence of BMC came to light in Mumbai hospital fire case- India TV Hindi
मुंबई में एक मॉल में स्थित अस्पताल में आग लगने के बाद 10 मरीजों की मौत हो गई। Image Source : PTI

मुंबई: मुंबई में एक मॉल में स्थित अस्पताल में आग लगने के बाद 10 मरीजों की मौत हो गई। इस अस्पताल में कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज चल रहा था। इस मामले में एक बड़ी बात सामने आई है। इंडिया टीवी के हाथ बीएमसी, दमकल विभाग और स्वास्थ्य विभाग का पत्र लगा है जिसमें अस्पताल में हुए अवैध निर्माण और मुल स्ट्रक्चर में किए बदलाव को लेकर 5 अक्टूबर 2020 को ही शिकायत की बात सामने आई है। वहीं बीएमसी ने इस शिकायत की जांच कर कार्रवाई नहीं की। उलटा बीएमसी ने शिकायकर्ता पुर्व सांसद संजय दिना पाटील को 21/10/2020 को लिखित जवाब दिया की अस्पताल को नियमों के तहत ही इजाजत दी गई हैं और कोई गडबड़ नहीं हैं।

बीएमसी ने कहा कि अगर कोई अनियमितता होगी तो कार्रवाई करेंगे लेकिन बीएमसी ने कुछ नहीं किया। 6 मई 2020 को अस्पताल को इजाजत दी गई थी कि वो कोरोना मरीज का इलाज कर सकतें हैं। अगर बीएमसी वक्त रहते कार्रवाई करती तो शायद 10 लोगों की जान बच सकती थी। सिर्फ बीएमसी ही नहीं दमकल विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने भी शिकायतकर्ता संजय दिना पाटील को दिए लिखीत जवाब में किसी भी तरह की अनियमितता को खारिज कर दिया।

दमकल विभाग ने 16 अक्टूबर 2020 को शिकायतकर्ता को दिए लिखित जवाब में कहा की 22 जुलाई 2020 को अस्पताल को फायर सेफ्टी सर्टीफिकेट दिया गया है। तो सवाल उठता है कि अगर अस्पताल में फायर सेफ्टी के सारे इंतजाम थे तो वहां जब आग लगी तो मरीजों को बचाया क्यों नहीं जा सका। क्यों आयसीयू विभाग में झुलस कर, दम घुंटकर मर गए?

बता दें कि भांडुप इलाके में स्थित ड्रीम्स मॉल इमारत में सनराइज अस्पताल में आधी रात के कुछ देर बाद आग लग गई जिसमें 10 मरीजों की मौत हो गई और करीब 70 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अस्पताल ने बताया कि कोविड-19 के कारण दो मरीजों की मौत हुई है और आग लगने के कारण किसी की मौत नहीं हुई।

अधिकारी ने बताया कि यह अस्पताल चार मंजिला मॉल की सबसे ऊपरी मंजिल पर स्थित है और जब आग लगी तो उस समय 76 मरीज मौजूद थे जिनमें से ज्यादातर कोविड-19 का इलाज करा रहे थे। मुंबई में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के बीच यह घटना हुई है। शहर में बृहस्पतिवार को संक्रमण के 5,504 नए मामले सामने आए जो इस महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक एक दिन में सर्वाधिक मामले हैं। बीएमसी नियंत्रण कक्ष के सूत्रों ने बताया कि आग लगने की वजह का अभी पता नहीं चला है।

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