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'धूनी का पाउडर, पवित्र चिट्ठी', पूजा-पाठ और अंधविश्वास के नाम पर 25.90 लाख की ठगी का पर्दाफाश, 3 महिलाएं गिरफ्तार

 Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Jul 29, 2026 08:52 pm IST,  Updated : Jul 29, 2026 08:57 pm IST

पुलिस की गिरफ्त में आई मुख्य आरोपी महिला ने स्वयं को दैवीय शक्तियों से संपन्न बताया था। पीड़िता को अपने झांसे में लिया और दो अन्य महिलाओं के साथ मिलकर 25 लाख 90 हजार रुपये की ठगी कर ली।

पुलिस ने 3 महिलाओं को किया गिरफ्तार- India TV Hindi
पुलिस ने 3 महिलाओं को किया गिरफ्तार Image Source : REPORTER INPUT

महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से अंधविश्वास के नाम पर ठगी का खुलासा हुआ है। अंधविश्वास का सहारा लेकर एक महिला से 25 लाख 90 हजार रुपये की ठगी करने वाली महिला का चंद्रपुर शहर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जिनमें में मुख्य आरोपी महिला ने स्वयं को दैवीय शक्तियों से संपन्न बताकर पीड़िता को अपने झांसे में लिया और उसके पति के इलाज तथा परिवार की समृद्धि का लालच देकर लाखों रुपये हड़प लिए। 

धीरे-धीरे कर ऐंठती रही रकम

जानकारी के अनुसार, पठानपुरा निवासी वैशाली अनिल खनके को भूमि अधिग्रहण के एवज में 71 लाख रुपये का मुआवजा मिला था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली विद्या निमजे ने वैशाली के पति की गंभीर बीमारी और उसकी मानसिक स्थिति का फायदा उठाते हुए उससे नजदीकियां बढ़ाईं। उसने पूजा-पाठ और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के नाम पर पहले कुछ रकम ली फिर चेक और नकद के माध्यम से लगातार लाखों रुपये ऐंठती रही। 

विश्वास दिलाया कि उनके पास हैं दैवीय शक्तियां 

इस पूरे षड्यंत्र में शाहिस्ता अंजुम और शबाना भी शामिल होने की जानकारी सामने आई है। आरोपी महिला ने पीड़िता को विश्वास दिलाया कि उनके पास दैवीय शक्तियां हैं। उन्होंने कहा कि यदि धूनी का पाउडर और पवित्र चिट्टी पानी में मिलाकर पिया जाए तो उसके गंभीर रूप से बीमार पति पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे। 

पति की बीमारी और भविष्य की चिंता का लाभ उठाकर आरोपी ने पीड़िता से बड़ी रकम वसूल ली। जांच में सामने आया कि जुलाई के पहले सप्ताह में आरोपी ने वैशाली से यह कहकर उसके सोने के टॉप्स और गले का हार उतरवा लिया कि इससे परिवार में सुख-समृद्धि आएगी। 

ठगी की रकम दोनों आरोपी महिलाओं में बांटा

इसके बाद 24 जुलाई को उसे बैंक ले जाकर 10 लाख रुपये नकद निकलवाए, जबकि अगले ही दिन घर खरीदने के लिए रखे 10 लाख रुपये भी अपने कब्जे में ले लिए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी महिला द्वारा ठगी से प्राप्त रकम का हिस्सा अन्य दोनों आरोपियों में बांटा था। 

जब पीड़िता के पति की तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ और उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी महिला टालमटोल करने लगी। खुद को ठगा हुआ महसूस होने पर वैशाली ने शहर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।

अंधविश्वास फैलाने में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री बरामद

शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(2) तथा महाराष्ट्र नरबलि एवं अन्य अमानवीय, अनिष्ट तथा अघोरी प्रथा एवं काला जादू प्रतिषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने विद्या निमजे, शाहिस्ता अंजुम और शबाना को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से ताबीज, धूनी पाउडर तथा अंधविश्वास फैलाने में इस्तेमाल की जाने वाली अन्य सामग्री भी बरामद की गई हैं।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी , अप्पर पुलिस अधीक्षक ईश्वर कटकड़े तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी प्रमोद चौगुले के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक निशिकांत रामटेके के नेतृत्व में की गई तथा मामले की आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक तृप्ति खंडाई कर रही हैं।

चंद्रपुर से मिलिंद दिंन्डेवार की रिपोर्ट

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