मध्य प्रदेश के अशोकनगर में पुलिस ने एक ऐसे सनसनीखेज और संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने एक युवती को प्रेमजाल में फंसाकर न केवल उसका शारीरिक शोषण किया, बल्कि ब्लैकमेलिंग और अंधविश्वास का सहारा लेकर उससे लगभग 1 करोड़ 30 लाख रुपये की बड़ी राशि ठग ली। पुलिस ने इस मामले में एक महिला तांत्रिक (एस्ट्रोलॉजर), उसके पति और मुख्य आरोपी सहित कुल चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
नाबालिग अवस्था से शुरू हुआ शोषण का खेल
मामले का खुलासा तब हुआ जब 21 वर्षीय पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के समक्ष उपस्थित होकर अपनी आपबीती सुनाई। पीड़िता ने बताया कि यह प्रताड़ना लगभग पांच वर्ष पूर्व शुरू हुई थी, जब वह 12वीं कक्षा में पढ़ती थी। तब आरोपी आदित्य सिंह तोमर ने इंस्टाग्राम के माध्यम से उसे प्रेमजाल में फंसाया और शादी का झांसा देकर आर्यन सोनी के "आर्यन टैटू स्टूडियो" पर बुलाकर चोरी-छिपे उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए।
ब्लैकमेलिंग और फर्जी क्राइम ब्रांच का जाल
आदित्य ने इन वीडियो के आधार पर पीड़िता को डराना शुरू किया और उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। पिता की मृत्यु के बाद जब पीड़िता असहाय हुई, तो आरोपियों ने उससे लाखों रुपयों की मांग शुरू कर दी। घबराकर पीड़िता ने अपनी परिचित आयुषी चौहान से मदद मांगी, जो स्वयं को एस्ट्रोलॉजर बताती थी। मदद करने के बजाय आयुषी और उसके पति आकाश चौहान ने साजिश रची। उन्होंने पीड़िता को डराया कि उस पर भारी संकट आने वाला है। बाद में, आरोपियों ने फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर पीड़िता को फोन किए और केस दर्ज करने व जेल भेजने की धमकी देकर किश्तों में करोड़ों रुपये ऐंठ लिए। यहाँ तक कि आरोपियों ने पीड़िता को उकसाकर उसके घर के 450 ग्राम सोने के आभूषण गिरवी रखवाए और 35 लाख रुपये का गोल्ड लोन भी अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और बरामदगी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक रवि प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन के आधार पर चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जिसमें आदित्य सिंह तोमर (मुख्य आरोपी),आयुषी चौहान (कथित एस्ट्रोलॉजर),आकाश चौहान (आयुषी का पति) ,आर्यन सोनी (टैटू आर्टिस्ट) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी की रकम से खरीदी गई थार रॉक्स गाड़ी, एक स्कूटी, सोने-चांदी के जेवरात, लैपटॉप, मोबाइल और लगभग 1.5 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
ऐशो-आराम के लिए रची साजिश
जांच में सामने आया कि आरोपी ठगी के पैसों से बेहद लग्जरी जीवन जी रहे थे। आयुषी चौहान समाज में अपनी छवि बनाए रखने के लिए दान-पुण्य का ढोंग करती थी, जबकि पर्दे के पीछे वह इस संगठित गिरोह का दिमाग थी। पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है। फिलहाल पुलिस आरोपियों के अन्य बैंक खातों और संपत्तियों की जांच कर रही है ताकि पीड़िता की पूरी राशि बरामद की जा सके।
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