मध्य प्रदेश के भिंड में जिला अस्पताल की छत अचानक ही गिर गई। इससे बच्चों को स्तनपान करा रही तीन महिलाएं घायल हो गईं। घायल महिलाओं को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज किया जा रहा है। यह हादसा नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (SCNU) वार्ड में हुआ। दुग्धपान कक्ष की छत और फॉल्ससीलिंग रविवार को अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय वार्ड में सात महिलाएं मौजूद थीं और अपने नवजात बच्चों को दुग्धपान करा रही थीं। घटना में तीन महिलाएं और एक नवजात शिशु घायल हो गए।
एक महिला को मामूली चोटें आईं, जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल महिलाओं को तत्काल ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जबकि अन्य नवजात बच्चों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया। घायलों में ममता पवैया पत्नी भीकम पवैया उम्र 32 वर्ष निवासी मोहर सिंह का पुरा एवं सुषमा पत्नी कमलेश नरवरिया उम्र 23 वर्ष निवासी पुर शामिल हैं।
घायलों से मिले एसडीएम
घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डॉ आर एन राजौरिया मौके पर पहुंच गए। साथ ही एसडीएम अखिलेश शर्मा ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और अस्पताल प्रबंधन से घटना की जानकारी ली।
आजादी से पहले का बना हुआ है अस्पताल
बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल की बिल्डिंग का बड़ा हिस्सा आजादी से पहले का बना हुआ है, जबकि कुछ निर्माण बाद में हुआ। लेकिन पूरी बिल्डिंग काफी जर्जर हालत में है। पुरानी बिल्डिंग की मरम्मत करवाकर उसे नया स्वरूप दे दिया गया है, लेकिन छतें और दीवारें काफी पुरानी होने से आए दिन हादसों की आशंका बनी रहती है। इससे पहले भी अन्य वार्डों में भी छत गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
बिल्डिंग की गहन जांच के आदेश
एसडीएम अखिलेश शर्मा अस्पताल में छत गिरने की जानकारी लगते ही मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम के अनुसार जिस समय फॉल सीलिंग गिरी उसे समय कक्ष में सात महिलाएं मौजूद थीं। उनके अनुसार अस्पताल की बिल्डिंग 60 से 70 साल पुरानी है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि पूरी बिल्डिंग की गहन जांच करवा कर सुरक्षा के उपाय किए जाएं।
(भिण्ड से परानिधेश भारद्वाज की रिपोर्ट)
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