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किसानों ने कृषि मंत्री को ड्राई फ्रूट्स देकर कहा- “काजू-बादाम खाइए, लेकिन हिंगोली को सूखाग्रस्त घोषित कर दीजिए”

 Written By: Mangal Yadav
 Published : Sep 20, 2026 08:54 pm IST,  Updated : Sep 20, 2026 09:15 pm IST

हिंगोली में कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे को किसानों ने काजू-बादाम भेंटकर अनोखे अंदाज में विरोध किया। किसानों ने मंत्री से कहा कि काजू-बादाम खाइए लेकिन जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर दीजिए।

कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे- India TV Hindi
कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे Image Source : REPORTER

महाराष्ट्र के हिंगोली में सूखे की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे को किसानों ने अनोखे अंदाज में काजू-बादाम भेंट किए। किसानों ने कहा कि “काजू-बादाम खाइए, लेकिन हिंगोली जिले को सूखाग्रस्त घोषित कीजिए।” किसानों के इस अनोखे अंदाज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

किसानों ने मंत्री से जताई नाराजगी

दरअसल, हिंगोली से पहले नांदेड में हुई सूखे की समीक्षा बैठक के दौरान काजू-बादाम और सूखे मेवों से जुड़े वीडियो सामने आए थे। इसी को लेकर किसानों ने कृषि मंत्री के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। किसानों का कहना है कि बारिश न होने के कारण उनकी फसलों को नुकसान हुआ है। इसलिए सूखा ग्रस्त घोषित कर किसानों को मुआवजा दिया जाए। 

हिंगोली को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग

किसानों ने हिंगोली में सूखे के कारण फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाते हुए जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने और किसानों को राहत देने की मांग की। साथ ही शक्तिपीठ महामार्ग को रद्द करने की मांग भी कृषि मंत्री के सामने रखी गई। काजू-बादाम भेंट कर किसानों ने अनोखे अंदाज में विरोध किया। अब हिंगोली को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग तेज हो गई है।

यहां देखें वीडियो

सरकारी बैठक में ड्राई फ्रूट्स परोसे जाने पर विवाद

बता दें कि शनिवार को महाराष्ट्र में एक राजनीतिक विवाद तब शुरू हुआ जब नांदेड़ में सूखे की स्थिति की समीक्षा के लिए बुलाई गई सरकारी बैठक में ड्राई फ्रूट्स परोसे गए। इससे विपक्ष ने आलोचना की और एक किसान ने अनोखे ढंग से विरोध जताते हुए बाद में कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे को काजू और बादाम भेंट किया। यह विवाद नांदेड़ ज़िला कलेक्ट्रेट में हुई एक बैठक का वीडियो वायरल होने के बाद शुरू हुआ। वीडियो में मंत्री, सांसद और विधायक सूखे की स्थिति पर चर्चा करते हुए काजू और बादाम जैसे स्नैक्स खाते हुए दिखाई दिए।

बैठक में ज़िला संरक्षक मंत्री अतुल सावे, मंत्री मेघना बोरडीकर, नांदेड़ से कांग्रेस सांसद रवींद्र चव्हाण, परभणी से शिवसेना सांसद संजय जाधव, राज्यसभा सांसद रामराव वडकुटे, हिंगोली से सांसद नागेश पाटिल अष्टिकर, जालना से सांसद कल्याण काले और तीन ज़िलों के विधायक मौजूद थे। बीजेपी सांसद अशोक चव्हाण बैठक में वर्चुअली शामिल हुए। इस वीडियो के कारण किसानों और विपक्षी नेताओं ने सरकार की आलोचना की और उस पर असंवेदनशील होने का आरोप लगाया। बाद में अधिकारियों ने बैठक स्थल से प्लेटें हटा दीं।

मीडिया के सवाल पर भड़के जाधव

बैठक के बाद, जब जाधव से बैठक में परोसे गए काजू और बादाम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पत्रकारों से कहा, "50 से 100 रुपये के बादाम को लेकर इतनी बड़ी बात क्यों बना रहे हैं? क्या सूखा होने पर कोई कुछ नहीं खाता? अगर किसी ने काजू और बादाम खा लिए तो इसमें क्या बड़ी बात है?" जब पत्रकारों ने विपक्ष की आलोचना के बारे में पूछा, तो जाधव ने कहा, "आखिरकार, मैं भी एक इंसान हूं। आप बेवकूफी भरे, बचकाने सवाल पूछ रहे हैं। उन्हें मेरी आलोचना करने दें। मैं उस आलोचना को स्वीकार करने के लिए तैयार हूं, इसलिए आप इसकी चिंता न करें। हर सांसद और विधायक के सामने काजू और बादाम रखे गए थे, तो अगर किसी ने उन्हें खा लिया तो इसमें क्या बड़ी बात है?"

रिपोर्टर: इमरान खान,वाशिम

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