मुंबई: मुंबई में रमजान ईद के पाक अवसर पर नमाजियों और रोज़ेदारों ने न सिर्फ इबादत की, बल्कि देश और दुनिया के अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय भी रखी। अंधेरी चांदीवाली इलाके में बातचीत के दौरान कई सामाजिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय विषयों पर लोगों ने अपनी सोच साझा की।
पश्चिम बंगाल चुनाव पर राय
नमाजियों का कहना है कि पश्चिम बंगाल में विकास की रफ्तार धीमी रही है, जिसके चलते जनता अब बदलाव चाहती है। लोगों के मुताबिक, इस बार चुनाव में कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है और भारतीय जनता पार्टी को फायदा हो सकता है। उनका मानना है कि राज्य में तेज विकास की जरूरत है और इसी वजह से लोग बदलाव के मूड में हैं।
हमायूं कबीर पर प्रतिक्रिया
चुनाव लड़ रहे हमायूं कबीर को लेकर भी लोगों ने सवाल उठाए। उनका कहना है कि बाबर के नाम पर मस्जिद बनाने की बात एक चुनावी स्टंट लगती है। नमाजियों के अनुसार, धार्मिक स्थलों को किसी विवादित नाम से जोड़ना सही नहीं है और इसका असर चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है।
मथुरा और कानून व्यवस्था पर नजरिया
मथुरा से जुड़े मुद्दे पर लोगों ने कहा कि देश में हिंदू-मुस्लिम भाईचारा बना रहना चाहिए। गोरक्षक बाबा की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने मांग की कि मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई हो, लेकिन इसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। लोगों ने गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखने पर जोर दिया।
ईरान-अमेरिका-इज़रायल तनाव पर प्रतिक्रिया
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बोलते हुए नमाजियों ने कहा कि ईरान अपनी रक्षा के लिए लड़ रहा है और उस पर युद्ध थोपा गया है। उन्होंने मुज्तबा खामेनेई के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि हर पक्ष अपनी स्थिति के अनुसार बात करता है, लेकिन युद्ध में सबसे ज्यादा नुकसान आम जनता का होता है।
ओवैसी के बयान पर समर्थन
असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर भी लोगों ने सहमति जताई। उनका कहना है कि जंग किसी समस्या का समाधान नहीं है और इससे सिर्फ तबाही होती है। चाहे अमेरिका हो या इज़रायल, युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है, जिसमें भारत भी अछूता नहीं रहा है
भारत के मुसलमान खुशनसीब है
नमाजियों ने कहा कि कई देशों में जंग के हालात के चलते लोग अपने त्योहार भी खुलकर नहीं मना पा रहे हैं, जबकि भारत में मुस्लिम समुदाय खुद को खुशकिस्मत मानता है कि यहां अमन-चैन और स्थिरता है। यहां वे बेखौफ होकर रोजे रख सकते हैं, नमाज अदा कर सकते हैं और अपने त्योहार पूरी आजादी और सुकून के साथ मना सकते हैं।