महाराष्ट्र के FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे बीते कई महीनों से अपने फैसलों को लेकर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। अब उनके एक और फैसले ने लोगों का ध्यान खींचा है। महाराष्ट्र FDA अब एक्सपायर एंड डैमेज प्रोडक्ट नियमावली लेकर आई है। इस नियमावली के तहत बड़ी कपनियों को अब खराब और एक्सपायर प्रोडक्ट के निस्तारण की पूरी जानकारी देनी होगी। जानकारी के मुताबिक, यह देश में पहली बार होगा जब खराब और एक्सपायर प्रोडक्ट को लेकर ऐसा कोई ऑर्डर आ रहा है।
इस ऑर्डर की क्या आवश्यकता थी?
महाराष्ट्र FDA की ओर से जानकारी दी गई है कि एक्सपायर एंड डैमेज प्रोडक्ट नियमावली से जुड़े इस ऑर्डर की आवश्यकता थी क्योंकि एक्सपायर प्रोडक्ट डिस्ट्रॉय करने के बजाय उन्हें नई तारीख के साथ बेचा जाता है। यह उपभोक्ता के हेल्थ से खिलवाड़ है। खराब प्रोडक्ट डिस्पोज होना चाहिए यह जांचना उस कंपनी की जिम्मेदारी होगी। किसी थर्ड पार्टी को काम देकर पीछा नहीं छुड़ा सकते। यह नियम लाया है, क्योंकि कंपनी केवल पेपर पर थर्ड पार्टी टेंडर देकर बोलती है, कि एक्सपायर प्रोडक्ट डिस्पोज हुआ है, लेकिन वह फिर नई पैकिंग में सामने आ जाती है।
उदाहरण: भिवंडी में कुछ कंपनियों ने यह काम किया जिसके बाद FDA ने लाखों रुपये का प्रोडक्ट जब्त किया। अंबरनाथ पुणे की भी एक कंपनी का नाम सामने आया है। इन मामलों में 2 FIR दर्ज हुई है। कंपनी के मालिकों के खिलाफ सीधी कार्रवाई की गई है। आपको बता दें कि महाराष्ट्र FDA के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने बताया था कि भारत में पहली बार ऐसा आदेश जारी किया गया है, जिसमें पूरे साल कार्रवाई की बात कही गई है।
एक्सपायर प्रोडक्ट के संदर्भ में की गई कार्रवाई
- अक्टूबर 2026 में ठाणे, नवी मुंबई और पुणे जिलों में एक विशेष संयुक्त अभियान चलाया गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि नष्ट करने के लिए भेजे गए एक्सपायरी डेट वाले, खराब और बिक्री के लिए अनुपयुक्त खाद्य पदार्थ दोबारा बाजार में बिक्री के लिए न पहुंच सकें।
- तुर्भे स्थित M/s Sawla Foods and Cold Storage Pvt. Ltd. से 91,353 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत 4,12,53,300 रुपये है। कंपनी का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
- भिवंडी के पागांव स्थित M/s Blink Commerce Pvt. Ltd. के यहां से 32,71,774 रुपये मूल्य का खाद्य भंडार जब्त किया गया। कंपनी का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है और भिवंडी तालुका पुलिस स्टेशन में FIR संख्या 0817/2026 दर्ज की गई है।
- पड़घा स्थित M/s Cloudstore Retail Pvt. Ltd. के यहां से 6,88,042 रुपये मूल्य का खाद्य भंडार जब्त किया गया। कंपनी का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है और पड़घा पुलिस स्टेशन में FIR संख्या 0454/2026 दर्ज की गई है।
- भिवंडी के वडपे स्थित Reliance Consumer Products और Reliance Retail के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
- अंबरनाथ के उसाटणे स्थित Zomato Hyperpure का लाइसेंस 15 अक्टूबर 2026 को निलंबित कर दिया गया।
- पुणे जिले के चाकण स्थित M/s Reliance Retail Ltd. और निगोजे स्थित M/s Blinkit Commerce Pvt. Ltd. के खिलाफ भी लाइसेंस निलंबन के आदेश जारी किए गए हैं।
दूसरा मुद्दा एडिबल ऑयल का
1 अप्रैल से 29 अक्टूबर 2026 के बीच राज्यभर में कुल 1,089 निरीक्षण किए गए और प्रयोगशाला में जांच के लिए खाद्य तेल के 1,660 नमूने लिए गए। इस दौरान 28,753 क्विंटल खाद्य तेल जब्त किया गया, जिसकी कुल कीमत 1,894.76 लाख रुपये यानी करीब 18.95 करोड़ रुपये है। प्राप्त जांच रिपोर्टों में से 462 नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए, जबकि 40 नमूने घटिया गुणवत्ता के, 18 असुरक्षित और 5 गलत लेबलिंग वाले पाए गए। वहीं, 1,171 नमूनों की जांच रिपोर्ट आना अभी बाकी है।
FDA कार्रवाई की प्रमुख बातें
- राज्यभर में 1 अप्रैल से 29 अक्टूबर 2026 के बीच खाद्य तेल के निर्माताओं, री-पैकिंग करने वाली इकाइयों, दोबारा लेबल लगाने वाली इकाइयों, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं के कुल 1,089 निरीक्षण किए गए। इस दौरान जांच के लिए खाद्य तेल के 1,660 नमूने लिए गए।
- कुल 28,753 क्विंटल खाद्य तेल जब्त किया गया, जिसकी कीमत 1,894.76 लाख रुपये (करीब 18.95 करोड़ रुपये) है।
- राज्य में कुल 80 खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस निलंबित किए गए। इनमें छत्रपति संभाजीनगर के 27, पुणे के 22, मुंबई के 8, कोंकण के 6, नागपुर के 6, नासिक के 6 और अमरावती के 5 लाइसेंस शामिल हैं।
- खाद्य तेल की सबसे बड़ी जब्ती पुणे मंडल में हुई, जहां 19,551.83 क्विंटल तेल जब्त किया गया। वहीं, छत्रपति संभाजीनगर मंडल में 5,736.27 क्विंटल खाद्य तेल जब्त किया गया, जिसकी कीमत 834.03 लाख रुपये है।
- अब तक जांच रिपोर्ट में सामने आए नमूनों में से 40 नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए, 18 नमूने असुरक्षित और 5 नमूने गलत लेबलिंग वाले पाए गए हैं। वहीं, 1,171 नमूनों की जांच रिपोर्ट आना अभी बाकी है।
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