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पूर्व NIA चीफ सदानंद दाते को बनाया गया महाराष्ट्र का DGP, आतंकी अजमल कसाब से भिड़े थे

 Reported By: Saket Rai Edited By: Subhash Kumar
 Published : Dec 31, 2025 04:15 pm IST,  Updated : Dec 31, 2025 04:53 pm IST

वरिष्ठ IPS अधिकारी और पूर्व NIA चीफ सदानंद दाते को महाराष्ट्र का नया पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया गया है। इसे लेकर सरकारी आदेश भी जारी कर दिया गया है।

Sadanand Date becomes DGP of Maharashtra- India TV Hindi
महाराष्ट्र के DGP बने सदानंद दाते। (फाइल फोटो) Image Source : X/(@ BUREAUCRATSIND)

महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और पूर्व NIA चीफ सदानंद दाते बने महाराष्ट्र का DGP नियुक्त किया है। इसके लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है। सदानंद दाते ने महाराष्ट्र की DGP रश्मि शुक्ला का स्थान लिया है जिनका कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। आइए जानते हैं सदानंद दाते के बारे में कुछ प्रमुख बातें।

सदानंद दाते का करियर

1990 बैच के आईपीएस अधिकारी सदानंद दाते को केंद्र सरकार द्वारा उनके मूल कैडर में वापसी की मंजूरी हाल ही में दी गई थी। सदानंद दाते राज्य आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) के प्रमुख रह चुके हैं और मुंबई में संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) और संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।

NIA चीफ बनने से पहले सदानंद दाते महाराष्ट्र में आतंकवाद रोधी दस्ते (ATS) के प्रमुख के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने महाराष्ट्र में कई अहम पदों पर काम किया है, जिनमें मीरा-भयंदर वसई-विरार के पुलिस आयुक्त, संयुक्त आयुक्त (कानून और व्यवस्था) और संयुक्त आयुक्त अपराध शाखा, मुंबई शामिल हैं। इसके अलावा सदानंद दाते सीबीआई में उप महानिरीक्षक की और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में महानिरीक्षक की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

अजमल कसाब से हुई थी भिड़ंत

सदानंद दाते साल 2008 में 26/11 के आतंकवादी हमले के दौरान चर्चा में आए थे। उनकी कामा अस्पताल में 26/11 के आतंकवादी हमले में अजमल कसाब से भिड़ंत भी हुई थी और वे बाल-बाल बचे थे। वह बहादुरी से आतंकवादियों से लोहा लेने की वजह से नायक बनकर उभरे थे। इसके लिए उन्हें 2008 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था।

कब तक होगा कार्यकाल?

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार, डीजीपी का न्यूनतम कार्यकाल दो वर्ष का होना चाहिए। रश्मि शुक्ला को जनवरी 2024 में, उनकी सेवानिवृत्ति से ठीक पांच महीने पहले, डीजीपी नियुक्त किया गया था और उन्हें 3 जनवरी, 2026 तक का विस्तार दिया गया था। नियुक्ति के बाद अब सदानंद दाते का कार्यकाल 2027 के अंत तक रहेगा।

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