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अजित पवार के निधन के बाद राजकीय शोक के दौरान धड़ल्ले से जारी हुए सर्टिफिकेट, CM फडणवीस ने बैठाई जांच

 Reported By: Sachin Chaudhary, Edited By: Subhash Kumar
 Published : Feb 16, 2026 07:43 pm IST,  Updated : Feb 16, 2026 08:48 pm IST

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद राजकीय शोक के दौरान शैक्षणिक संस्थानों को अल्पसंख्यक दर्जा प्रमाणपत्र धड़ल्ले से जारी किए जाने को लेकर हंगामा शुरू हो गया है। CM फडणवीस ने मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।

Maharashtra ajit pawar death controversy- India TV Hindi
महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद। Image Source : PTI

महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। जानकारी के मुताबिक, राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के तुरंत बाद शैक्षणिक संस्थानों को अल्पसंख्यक दर्जा प्रमाणपत्र जारी किए जाने के मामले ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। मामले में हंगामा शुरू होने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। आइए जानते हैं इस पूरे मामले के बारे में।

क्या है पूरा मामला?

सामने आई जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र में 28 से 31 जनवरी 2026 के बीच 75 शैक्षणिक संस्थानों को अल्पसंख्यक दर्जा दिए जाने की घटना पर सवाल उठ रहे हैं और हंगामा हो रहा है। आपको बता दें कि, यह वही अवधि थी जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित हुआ था।

सीएम फडणवीस ने दिए जांच के आदेश

सामने आई जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कुछ प्रभावशाली और संपन्न शैक्षणिक संस्थानों को अधिकारियों की मिलीभगत से अल्पसंख्यक दर्जा दिलाने की कोशिश की गई। कांग्रेस ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों को निलंबित किया जाए और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जांच की जा रही है- अधिकारी

सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने पुष्टि की है कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। यह जांच की जा रही है कि संबंधित संस्थानों की फाइलों पर पहले ही अजीत पवार के हस्ताक्षर हो चुके थे या उनके निधन के बाद किसी स्तर पर अनियमितता या हेरफेर की गई।

हादसे में हुआ था अजित पवार का निधन

आपको बता दें कि बीते 28 जनवरी को प्लेन क्रैश में उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया था। अजित पवार चुनाव प्रचार के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे। हालांकि, बारामती एयरपोर्ट पर उनका विमान लैंडिंग के दौरान उनका विमान क्रैश हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हो गई थी।

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