महाराष्ट्र विधान परिषद की 5 सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। अमरावती में शिवसेना के उम्मीदवार के सामने बीजेपी का बागी उम्मीदवार चुनावी मैदान में है। बता दें कि यह सीट महायुति गठबंधन में शिवसेना (शिंदे गुट) के कोटे में आई है, लेकिन यहां महायुति और महाविकास आघाडी (MVA) दोनों तरफ से बागी और कई उम्मीदवार मैदान में हैं। कांग्रेस की ओर से यहां अदिति पोहरे उम्मीदवार हैं।
शिंदे ने सचिन सानप को दिया 100% समर्थन
वहीं, पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शिवसेना ने बागी उम्मीदवार सचिन सानप को समर्थन देने का ऐलान किया है। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को मंत्री उदय सामंत के ओएसडी और पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र विधान परिषद चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सानप को 100 फीसदी समर्थन देने की घोषणा की थी। सचिन सानप पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार हैं। सचिन सानप का मुकाबला बीजेपी के कौस्तुभ गावडे से हैं।
शिंदे ने बीजेपी उम्मीदवार के खिलाफ क्यों खेला दांव?
दरअसल, पुणे शिक्षक सीट पर शिवसेना अपना उम्मीदवार उतारना चाहती थी, लेकिन बीजेपी ने सीट अपने पास रखते हुए कौस्तुभ गावड़े को उम्मीदवार बनाया। इसके बाद एकनाथ शिंदे ने अपने करीबी मंगेश चिवटे को एबी फॉर्म देकर चुनाव मैदान में उतारने की कोशिश की लेकिन बाद में उन्हें अपना नामांकन वापस लेना पड़ा।
वहीं, इस सीट पर महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत के पूर्व ओएसडी सचिन सानप निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। एकनाथ शिंदे ने गुरुवार देर रात सानप को समर्थन देने का ऐलान किया। आज से शिवसेना उनके प्रचार अभियान में भी शामिल होगी। गठबंधन में शामिल एक दल के दूसरे सहयोगी दल के उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन देने से यह चुनावी मुकाबला दिलचस्प बन गया है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम से महायुति के भीतर मतभेद भी दिखाई दे रहे हैं।
'महायुति पांचों सीटों पर जीत हासिल करेगी'
कई दिनों से जारी सस्पेंस के बाद एकनाथ शिंदे ने आखिरकार चुप्पी तोड़ दी है। पुणे में दिए गए बयान में शिंदे ने स्पष्ट कहा कि सचिन सानप को शिवसेना का सौ फीसदी समर्थन है। वहीं, महायुति के सभी दलों के एकजुट होकर चुनाव लड़ने के सवाल पर एकनाथ शिंदे ने कहा कि विधान परिषद का चुनाव महायुति के तौर पर ही लड़ा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने कुछ जगहों पर अपवाद होने की बात भी कही। शिंदे ने विश्वास जताया कि महायुति पांचों सीटों पर जीत हासिल करेगी।
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पुणे में बीजेपी के आधिकारिक उम्मीदवार के मुकाबले निर्दलीय सचिन सानप को शिवसेना का समर्थन मिलने से गठबंधन के भीतर चुनावी समीकरणों पर सवाल उठने लगे हैं।
पहले मंगेश चिवटे ने वापस ली थी उम्मीदवारी
इससे पहले एकनाथ शिंदे के करीबी माने जाने वाले मंगेश चिवटे ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी। इसके बावजूद अमरावती में शिवसेना के उम्मीदवार के सामने बीजेपी के बागी उम्मीदवार की चुनौती बनी हुई है। अब पुणे में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिल रही है, जहां बीजेपी के उम्मीदवार कौस्तुभ गावड़े महायुति के प्रत्याशी हैं, लेकिन शिंदे की शिवसेना ने निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सानप को समर्थन देने का ऐलान किया है। ऐसे में विधान परिषद चुनाव में महायुति की एकजुटता और सहयोगी दलों के बीच तालमेल को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि एकनाथ शिंदे ने पांचों सीटों पर महायुति की जीत का भरोसा जताया है।
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