Maharashtra News: शिंदे सरकार में बने 18 नए मंत्री- तीन दागी, लेकिन एक भी महिला नहीं..

Maharashtra News: महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे कैबिनेट का विस्तार हुआ। 18 नए मंत्री बनाए गए, जिनमें तीन दगी नाम भी शामिल हैं। हालांकि, इस विस्तार में एक भी महिला को मंत्री नहीं बनाया गया है, जिसे लेकर काफी सवाल उठ रहे हैं।

Sushmit Sinha Edited By: Sushmit Sinha @sushmitsinha_
Published on: August 09, 2022 20:57 IST
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Image Source : PTI Maharashtra News

Highlights

  • शिंदे सरकार में बने 18 नए मंत्री
  • सरकार में एक भी महिला नहीं
  • मंत्रालय में तीन दागियों को मिली जगह

Maharashtra News: महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे कैबिनेट का विस्तार हुआ। 18 नए मंत्री बनाए गए, जिनमें तीन दगी नाम भी शामिल हैं। हालांकि, इस विस्तार में एक भी महिला को मंत्री नहीं बनाया गया है, जिसे लेकर काफी सवाल उठ रहे हैं। दरअसल शिंदे-फडणवीस टीम के मिनी कैबिनेट विस्तार के तुरंत बाद, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के टीम में एक भी महिला को शामिल नहीं करने और कथित तौर पर तीन दागी विधायकों को शामिल करने के लिए विभिन्न हलकों से आलोचना का सामना करना पड़ा। इसके साथ, शिंदे और बीजेपी के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस सहित कैबिनेट मंत्रियों की संख्या अब बढ़कर 20 हो गई है। यानि 43 की कुल संख्या के आधे से भी कम।

मंत्रालय में इन तीन दागियों को मिली जगह

मंगलवार की कवायद का उद्देश्य 17 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को आगे बढ़ाना था, और विस्तार के अगले चरण में कुछ कैबिनेट रैंक और अन्य राज्य मंत्री के रूप में बाद में किए जाएंगे। शिंदे समूह (तीन) और बीजेपी (12) दोनों में कई महिला विधायकों की मौजूदगी के बावजूद, दोनों पक्षों ने उनकी उपेक्षा की है। हालांकि, तीन कथित रूप से दागी विधायक, शिंदे खेमे के दो और बीजेपी के एक विधायक, अब मंत्री हैं। इन तीनों के नाम हैं, अब्दुल सत्तार, संजय राठौड़ (शिंदे समूह) और बीजेपी के विजयकुमार गावित।

संजय राठौड़ को लेकर शिवसेना का तंज

शिवसेना नेता किशोरी पेडनेकर और बीजेपी की चित्रा वाघ ने राठौड़ को शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री की खिंचाई की है, जो पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली तत्कालीन महा विकास अघाड़ी सरकार में मंत्री थे। पुणे स्थित सोशल मीडिया स्टार पूजा चव्हाण की मौत के बाद फरवरी 2021 में राठौड़ को पद छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। सत्तार के परिवार के सदस्य का नाम टीईटी घोटाले की चल रही जांच में सामने आया है, लेकिन उन्होंने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है और किसी भी जांच का सामना करने की इच्छा व्यक्त की है।

2002 और 2006 के बीच आदिवासी विभाग में कथित 6,000 करोड़ रुपये के घोटाले में बीजेपी के गावित का नाम था। इस बीच, राकांपा लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले और शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुवेर्दी ने शिंदे-फडणवीस को मंत्रिमंडल में शामिल करने में विफल रहने पर निशाना साधा। आलोचना का जवाब देते हुए, फडणवीस ने बाद में आश्वासन दिया कि राज्य मंत्रिमंडल में महिला विधायकों को जल्द ही प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। 

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