महाराष्ट्र की राजनीति में भारतीय क्रिकेट को लेकर विवादित बयानों का दौर शुरू हो गया है। वर्तमान में जारी टी-20 वर्ल्ड कप को लेकर राज्य में सियासी पारा चढ़ गया है। टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में गेंदबाज मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज को जगह नहीं मिलने पर अब राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। AIMIM और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज को मुसलमान होने की वजह से टीम में मौका नहीं दिया जा रहा है। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष और कांग्रेस के नेताओं ने ऐसे दावे की आलोचना की है। आइए जानते हैं पूरा मामला।
मुफ्ती इस्माइल और अबु आजमी के बिगड़े बोल
मालेगांव से AIMIM पार्टी के विधायक मुफ्ती इस्माइल ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि "मुस्लिमों को हर क्षेत्र में नज़रअंदाज किया जा रहा है और टीम इंडिया में भी खिलाड़ियों को मुस्लिम होने की वजह से मौका नहीं दिया जा रहा। उन्होंने यहां तक कहा कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार की एक वजह यह भी हो सकती है।" इसके बाद समाजवादी पार्टी महाराष्ट्र और मुंबई अध्यक्ष अबु आजमी भी इस मुद्दे पर सामने आए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि "बीजेपी शासन में कई क्षेत्रों में मुसलमानों के साथ भेदभाव हो रहा है और यदि क्रिकेट में भी ऐसा हो रहा है तो यह गंभीर मामला है। हो सकता है मुसलमान होने के कारण सिराज और शमी टीम से बाहर हैं।"
NCP और कांग्रेस ने किया किनारा
NCP (अजित पवार गुट) के मुस्लिम विधायक और अल्पसंख्यक विभाग के प्रमुख इदरीस नाईकवडी ने इन आरोपों को राजनीति करार दिया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले मोहम्मद अजहरुद्दीन, मंसूर अली खान पटौदी जैसे कई मुस्लिम खिलाड़ी भारतीय टीम का हिस्सा रहे और कप्तान भी बने। खेल में धर्म को लाना गलत है। वहीं, कांग्रेस नेता अमीन पटेल ने भी कहा कि खिलाड़ियों का चयन योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर होता है। उन्होंने ऐसे बयानों को गैर-जिम्मेदाराना बताया और कहा कि इससे बचना चाहिए।
शिवसेना और अन्य नेताओं ने भी दी प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री भारत गोगावाले ने कहा कि भारतीय टीम में चयन काबिलियत और परिस्थितियों के आधार पर होता है। हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करना समाज में दरार डालने जैसा है और बयान देने वालों को माफी मांगनी चाहिए। वहीं, युवा स्वाभिमान पार्टी के नेता और विधायक Ravi Rana ने भी कहा कि भारतीय टीम और देश के उच्च पदों पर कई मुस्लिम रह चुके हैं। इसलिए इस तरह की राजनीति करना गलत है। जो नेता बयान दे रहे हैं वह माफी मांगे।
ये भी पढ़ें- मालेगांव म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के बिजली विभाग में पढ़ी गई नमाज, VIDEO वायरल; जानें पूरा मामला