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लातूर में सूखे के बाद आग की दोहरी मार, किसानों के गन्ने की फसल जलकर खाक

 Written By: Amar Deep
 Published : Oct 26, 2026 12:37 pm IST,  Updated : Oct 26, 2026 12:37 pm IST

एक तरफ जहां महाराष्ट्र के कई इलाके सूखे की चपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ लातूर में किसानों की फसल में आग लगने का मामला सामने आया है। आग लगने से किसानों को दोहरा नुकसान हुआ है।

गन्ने की फसल में लगी आग।- India TV Hindi
गन्ने की फसल में लगी आग। Image Source : REPORTER INPUT

महाराष्ट्र के लातूर से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो किसानों की पीड़ा और उनकी मेहनत का दर्द बयां करती है। जिस खेत में कभी हरी-भरी गन्ने की फसल लहलहा रही थी, जहां किसान को अपनी मेहनत का फल मिलने की उम्मीद थी, आज उसी खेत में जले हुए गन्ने के अवशेष दिखाई दे रहे हैं। महीनों की मेहनत, फसल से जुड़ी उम्मीदें और परिवार के बेहतर भविष्य के सपने आग की लपटों में झुलस गए। यह घटना लातूर जिले के चाकूर तालुका के बेलगाव गांव की है। जानकारी के अनुसार, बिजली वितरण व्यवस्था की डीपी पर शॉर्ट सर्किट होने से अशोकराव वाकले और किशनराव वाकले के खेत में खड़ी गन्ने की फसल में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने फसल के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।

10 एकड़ की फसल में लगी आग

बताया जा रहा है कि करीब 10 एकड़ में लगी गन्ने की फसल में से तीन से चार एकड़ गन्ना जलकर खाक हो गया। इस घटना में लगभग चार लाख पचास हजार रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। जरा सोचिए, जिस फसल को तैयार करने के लिए किसान ने दिन-रात मेहनत की, खाद-पानी पर पैसा खर्च किया और महीनों तक उसकी देखभाल की, वही फसल जब आंखों के सामने राख बन जाए, तो उस परिवार पर क्या बीतती होगी? किसान के लिए यह केवल गन्ने का नुकसान नहीं, बल्कि उसकी मेहनत, पूंजी और भविष्य की उम्मीदों को लगा गहरा झटका है।

राज्य का 75 प्रतिशत इलाका सूखा घोषित

हरी-भरी फसल का राख में बदल जाना सिर्फ एक हादसे की तस्वीर नहीं, बल्कि किसान की बेबसी का दर्दनाक मंजर है। बेलगाव से यह घटना बिजली व्यवस्था की सुरक्षा और प्रभावित किसानों को राहत देने की जरूरत पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इससे पहले पिछले महीने महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस ने सूखा प्रभावित इलाकों के लिए बड़ा फैसला लिया था। उन्होंने राज्य के 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित कर दिया। राज्य के 358 में से 265 तालुकों में सूखा, यानी करीब 75 प्रतिशत महाराष्ट्र में सूखा घोषित हो गया है। इसके साथ ही सीएम फडणवीस ने सूखे को लेकर विभिन्न उपायों की घोषणा भी की थी। (इनपुट- आसिफ पटेल)

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