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2027 तक रेबीज नियंत्रित क्षेत्र बन जाएगा मुंबई! 2030 तक शून्य मौत का लक्ष्य, कैसे की जा रही है पूरी तैयारी?

 Reported By: Sachin Chaudhary,  Written By: Subhash Kumar
 Published : Sep 29, 2026 10:36 am IST,  Updated : Sep 29, 2026 11:31 am IST

मुंबई में रेबीज उन्मूलन अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी गई है। महापौर रितु तावड़े ने कहा है कि मुंबई के हर वार्ड में अलग रेबीज क्लिनिक बनेगा। साल 2027 तक मुंबई को रेबीज नियंत्रित क्षेत्र बनाने का लक्ष्य है और 2030 तक शून्य मौत का लक्ष्य रखा गया है।

Mumbai Dog attack rabies case- India TV Hindi
मुंबई में रेबीज पर काबू करने की तैयारी। Image Source : REPORTER/ANI

मुंबई की महापौर रितु तावड़े ने रेबीज उन्मूलन अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत सोमवार को भायखला स्थित वीरमाता जीजाबाई भोसले उद्यान एवं चिड़ियाघर में की। इस मौके पर महापौर ने मुंबई के हर महानगरपालिका वार्ड में अलग रेबीज क्लिनिक स्थापित करने की योजना की घोषणा की। महापौर ने कहा कि वर्ष 2025 में मुंबई में रेबीज से एक भी मौत दर्ज नहीं होना बड़ी उपलब्धि है। अब 2027 तक मुंबई को 'रेबीज नियंत्रित क्षेत्र' बनाने और 2030 तक रेबीज से शून्य मौत का लक्ष्य हासिल करने का प्रयास किया जाएगा।

रेबीज क्लिनिक स्थापित होंगे

महापौर रितु तावड़े ने कहा कि प्रत्येक वार्ड में पर्याप्त और प्रशिक्षित कर्मचारियों के साथ स्वतंत्र रेबीज क्लिनिक स्थापित किए जाने चाहिए। इन क्लिनिक में रेबीज रोधी टीकाकरण की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा, ताकि कुत्ते के काटने की घटना होने पर लोगों को तत्काल इलाज मिल सके।इसके अलावा, हर वार्ड में आधुनिक पशु चिकित्सा सुविधाओं से लैस आवारा कुत्तों को पकड़ने वाले वाहन उपलब्ध कराने की भी योजना है।

3 साल में 1.80 लाख कुत्तों के टीकाकरण का लक्ष्य

मुंबई रेबीज उन्मूलन परियोजना के दूसरे चरण के तहत अगले तीन वर्षों में हर साल औसतन 55 से 60 हजार आवारा कुत्तों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही नियमित सर्वेक्षण, कुत्तों की आबादी का प्रबंधन और रेबीज के मामलों की निगरानी की जाएगी। अभियान के तहत स्कूलों और नागरिकों के बीच जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। अगले तीन वर्षों में 5 लाख विद्यार्थियों और 5 हजार शिक्षकों तक पहुंचने का लक्ष्य है। महानगरपालिका स्कूलों के अलावा उपनगरीय लोकल रेलवे स्टेशनों पर भी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बता दें कि बीते कुछ समय से मुंबई समेत महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से कुत्तों के हमले की खबर सामने आ रही है। हाल ही में मुंबई की हाईराइज सोसायटी में पालतू कुत्ते ने बच्चियों पर हमला कर दिया था। 

सरकारी अस्पतालों में भी उपलब्ध होगी वैक्सीन

कार्यक्रम में मौजूद बीएमसी की अतिरिक्त आयुक्त प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे ने सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग को हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे आपला दवाखाना में रेबीज रोधी वैक्सीन और सीरम उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी जरूरी है।

राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के संयुक्त निदेशक डॉ. अजित शेवाळे ने मुंबई में रेबीज उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और अभियान को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर बीएमसी के पशु चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख डॉ. कलीमपाशा पठान, मुंबई पशु चिकित्सा महाविद्यालय के डॉ. शैलेश इंगोले और डब्ल्यूवीएस यूके मिशन रेबीज के निदेशक डॉ. एंडी गिब्सन सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

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