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औरंगजेब के मुद्दे पर बड़ी खबर, बॉम्बे हाईकोर्ट में मकबरे को हटाने के लिए दायर की गई जनहित याचिका

 Reported By: Rajesh Kumar, Written By: Rituraj Tripathi
 Published : Mar 21, 2025 01:34 pm IST,  Updated : Mar 21, 2025 01:47 pm IST

औरंगजेब के मकबरे को हटाने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की गई है।

Bombay High Court- India TV Hindi
बॉम्बे हाईकोर्ट Image Source : PTI/FILE

मुंबई: देशभर में मुगल बादशाह औरंगजेब के मकबरे को हटाने का मुद्दा चर्चा में बना हुआ है। बॉम्बे हाईकोर्ट में औरंगजेब के मकबरे को हटाने के लिए जनहित याचिका भी दायर की गई है। 

किसने दायर की याचिका?

केतन तिरोडकर नाम के शख्स ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है, जिसमें औरंगजेब की कब्र को ध्वस्त करने और पुरातत्व सर्वेक्षण भारत को औरंगजेब की कब्र को राष्ट्रीय स्मारकों की सूची से हटाने का निर्देश देने की मांग की गई है, क्योंकि यह पुरातत्व सर्वेक्षण भारत अधिनियम, 1958 की धारा 3 के साथ संगत नहीं है।

कैसे औरंगजेब फिर चर्चा में आया?

दरअसल हालही में एक बॉलीवुड फिल्म आई, जिसमें छत्रपति संभाजी महाराज और औरंगजेब के बीच के हिंसक संघर्ष को दिखाया गया। इस फिल्म के माध्यम से लोगों को ये जानकारी मिली कि औरंगजेब ने छत्रपति संभाजी महाराज के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दी थीं। औरंगजेब ने संभाजी के नाखून निकलवा दिए थे और आंखें फुड़वा दी थीं। औरंगजेब का दिल इससे भी नहीं भरा तो उसने संभाजी की जुबान कटवा दी थी। वह संभाजी से इस्लाम कबूल करवाना चाहता था जोकि उन्होंने नहीं किया। 

फिल्म देखने के बाद जब लोगों ने संभाजी के बारे में जानकारी निकाली तो पता लगा कि औरंगजेब ने उनके साथ बहुत क्रूरता की थी, जिसका अधिकांश हिस्सा फिल्म में नहीं दिखाया जा सका। दरअसल औरंगजेब ने संभाजी का सिर काट दिया था और उनके शरीर के कई टुकड़े करवाकर तुलापुर में नदी के किनारे फिंकवा दिया था। बता दें कि छत्रपति संभाजी महाराज, मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र थे। 

कैसे उठा औरंगजेब की कब्र हटाने का मामला?

समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी के बयान से इस मामले ने तूल पकड़ा। छावा फिल्म आने के बाद उन्होंने औरंगजेब को अच्छा राजा बताया था। हालांकि बाद में प्रेशर बढ़ने पर उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया। वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि छत्रपति संभाजीनगर में स्थित मुगल बादशाह औरंगजेब का मकबरा हटा दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि इस काम को कानून के दायरे में करना चाहिए। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि कांग्रेस की पिछली सरकार ने औरंगजेब के मकबरे को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को सौंप दिया था।

छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज और सतारा से बीजेपी सांसद उदयनराजे भोसले ने भी औरंगजेब के मकबरे को हटाने की मांग की थी। इसके बाद बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद भी इस मामले में कूद पड़ा और उसने कह दिया कि अगर ये कब्र नहीं हटाई गई तो वह प्रदर्शन करेंगे। 

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