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पीएम मोदी ने नवी मुंबई के खारघर में दुनिया के दूसरे सबसे बड़े श्री श्री राधा मदनमोहन जी मंदिर का किया उद्घाटन, जानिए क्या बोले

 Reported By: Sachin Chaudhary Edited By: Niraj Kumar
 Published : Jan 15, 2025 05:03 pm IST,  Updated : Jan 15, 2025 05:21 pm IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे ऐसे आलौकिक अनुष्ठान में अपनी भूमिका निभाने का पुण्य प्राप्त हुआ। यह इस्कॉन के संतों का अपार स्नेह और अपनापन है।

PM Modi- India TV Hindi
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री Image Source : ANI

खारघर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवी मुंबई के खारघर में इस्कॉन के प्रयासों से निर्मित श्री श्री राधा-मदनमोहनजी मंदिर का उद्घाटन किया है। यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर है। पीएम मोदी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि ज्ञान और भक्ति की महान धरती पर इस्कॉन के प्रयासों से श्री श्री राधा-मोहन मंदिर का उद्घाटन हो रहा है। 

 इस्कॉन के संतों का अपार स्नेह और अपनापन मिला

मंदिर प्रांगण में इस्कॉन के 5  हज़ार से ज़्यादा साधु संतों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह इस्कॉन के संतों का अपार स्नेह और अपनापन है कि मुझे ऐसे आलौकिक अनुष्ठान में अपनी भूमिका निभाने का पुण्य प्राप्त हुआ। राधा मोहन मंदिर की रूपरेखा, इसका स्वरूप उसमें अध्यात्म और विज्ञान की संपूर्ण परंपरा के दर्शन हो रहे हैं। नई पीढ़ी की रुचि और आकर्षण के अनुरूप यहां महाभारत, रामायण, उसको समेटे हुए, उसपर आधारित म्यूजिम भी बनाया जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि यह मंदिर परिसर आस्था के साथ-साथ भारत की चेतना को भी समृद्ध करने का एक पुण्य केंद्र बनेगा।

पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया भर में फैले इस्कॉन के अनुयायी भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति की डोर से बंधे हैं। उन सबको एक-दूसरे से कनेक्ट रखने वाला एक और सूत्र है जो 24 घंटे हर भक्त को दिशा दिखाता रहता है। ये श्री स्वामी प्रभुपाद के विचारों का सूत्र है।

भारत असाधारण और अद्भुत भूमि

पीएम मोदी ने कहा कि भारत असाधारण और अद्भुत भूमि है। यह केवल भौगोलिक सीमाओं में बंधा भूमि का टुकड़ा मात्र नहीं है। भारत जीवंत धरती है, जीवंत संस्कृति, जीवंत परंपरा है। उन्होंने कहा कि इस संस्कृति की चेतना यहां का आध्यात्म है। भारत को समझने के लिए पहले अध्यात्म को आत्मसात करना होता है। जो दुनिया को भौतिक दृष्टि से देखते हैं, उन्हें भारत भी अलग अलग भाषा और प्रांतों का समूह नजर आता है। जब सांस्कृतिक चेतना से अपने को जोड़ते हैं तो आपको भारत के विराट रूप के दर्शन होते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी अध्यात्मिक संस्कृति की नींव सेवा भाव है।अध्यात्मिकता में जनार्दन सेवा और जनसेवा एक हो जाते हैं। श्रीकृष्ण ने हमें सच्ची सेवा का मतलब बताया है। उन्होंने सुंदर तरीके से समझाया, सच्ची सेवा वो ही, जिसमें आपका कोई स्वार्थ ना हो।

धार्मिक ग्रंथों और शास्त्रों के मूल में सेवा भावना

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे धार्मिक ग्रंथों और शास्त्रों के मूल में सेवा भावना है और इस्कॉन जैसी विराट संस्था भी इसी सेवा भाव से काम करती है। कुंभ में इस्कॉन सेवा के कई बड़े कार्य कर रहा है।पीएम मोदी ने कहा कि मुझे संतोष है, हमारी सरकार भी इसी सेवा भावना के साथ पूरे समर्पण से लगातार देशवासियों के हित में काम कर रही है। हर घर में शौचालय बनवाना, हर गरीब महिला को उज्ज्वला गैस कनेक्शन देना, हर घर तक नल से जल की सुविधा पहुंचाना, गरीब को पांच लाख तक का मुफ्त इलाज देना, बेघर को पक्के घर देना, ये इसी सेवा भावना के साथ, इसी समर्पण भाव से किए कार्य हैं।जो मेरे लिए हमारी महान सांस्कृतिक परंपरा का प्रसाद है। सेवा की भावना सच्चा सामाजिक न्याय लाती है, सच्चे सेकुलरिज्म का प्रतीक है

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे मंदिर और धार्मिक स्थल सदियों से सामाजिक चेतना के केंद्र रहे हैं, हमारी सरकार कृष्ण सर्किट के माध्यम से देश के अलग-अलग धार्मिक स्थानों को जोड़ रही है> इस्कॉन के सानिध्य में युवा सेवा और समर्पण की भावना से युवा राष्ट्रहित में काम करेंगे। हमें संवेनदशील इंसानों का समाज तैयार करना है। ऐसा समाज, जो मानवीय गुणों के साथ आगे बढ़े, जहां अपनेपन का विस्तार हो। इस्कॉन खारघर के प्रमुख सूरदास जी ने मोदी के तारीफ़ में कहा की आपका इस्कॉन से पुराना नाता रहा है । आप राज़ाओं के राजा है पर एक ऋषि भी है। 

 

 

 

 

 

 

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