बॉलीवु़ड स्टार सैफ अली खान पर हुए हमले की कहानी लगातार उलझती जा रही है। पुलिस ने सैफ पर हमले के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उनके घर से मिले 19 फिंगरप्रिंट आरोपी के नहीं हैं। इसके बाद असली हमलावर को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। सैफ अली खान के घर में 15 जनवरी को देर रात एक व्यक्ति घुसा था, जिसकी मेड के साथ बहस हुई और सैफ कमरे में पहुंचे तो आरोपी ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में सैफ को गंभीर चोटें आईं। डॉक्टरों ने सर्जरी के बाद सैफ को घर भेज दिया है और एक सप्ताह तक बेड रेस्ट की सलाह दी है।
मुंबई पुलिस ने सैफ के घर से चोरी के प्रयास और उन पर चाकू से हमले के बाद 19 फिंगरप्रिंट एकत्र किए थे। ये फिंगरप्रिंट आरोपी शरीफुल इस्लाम के फिंगरप्रिंट से मेल नहीं खाते हैं। सूत्रों के अनुसार, मुंबई पुलिस ने सैफ के घर पर मिले फिंगरप्रिंट्स को राज्य आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के फिंगरप्रिंट ब्यूरो को भेजा था। सिस्टम द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में पाया गया है कि प्रिंट्स शरीफुल के प्रिंट्स से मेल नहीं खाते। सूत्रों ने बताया कि सीआईडी ने मुंबई पुलिस को सूचित किया है कि टेस्ट का नतीजा नेगेटिव है। मुंबई पुलिस ने आगे की जांच के लिए और सैंपल भेजे हैं।
15 जनवरी को सैफ पर हुआ था हमला
15 जनवरी को एक व्यक्ति सैफ अली खान के घर में घुस गया था और उन पर चाकू से हमला किया था। इस हमले में उन्हें छह चोटें आईं थीं। 54 वर्षीय सैफ की रीढ़ की हड्डी में चाकू का एक टुकड़ा रह गया था। वहीं, हमला करने वाला व्यक्ति मौके से भागने में सफल रहा। इसके बाद सैफ को गंभीर चोटों के साथ लीलावती अस्पताल ले जाया गया। आरोपी शरीफुल एक बांग्लादेशी नागरिक है जो अवैध रूप से भारत में घुसा था। उसने पुलिस को बताया है कि किसी ने पैसे के बदले में उसके लिए फर्जी नागरिकता दस्तावेज बनवाने का वादा किया था। उसने कहा है कि इसी वजह से उसने चोरी करने की कोशिश की। पुलिस अब उस व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिसने शरीफुल के दस्तावेज बनवाने का वादा किया था।
बांद्रा से ट्रेन में चढ़ा था आरोपी
सूत्रों ने बताया कि मुंबई पुलिस ने 12 मंजिला इमारत में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में कैद संदिग्ध की पहचान करने में मदद के लिए पश्चिमी रेलवे से संपर्क किया था। आरोपी बांद्रा स्टेशन से ट्रेन में चढ़ा था और रेलवे ने अपने चेहरे की पहचान प्रणाली का इस्तेमाल करके कुछ संदिग्धों को शॉर्टलिस्ट किया था, जिनकी शक्ल हमलावर से मिलती थी। सूत्रों ने बताया कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि इमारत से बाहर निकलते हुए हमलावर की फुटेज स्पष्ट नहीं थी। शरीफुल को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया गया था, पुलिस उसके खिलाफ मजबूत केस बनाने के लिए और सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है।