1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. कत्ल करने के बाद मजे से जी रहा था जिंदगी, 28 साल बाद अचानक घर पहुंचकर पुलिस ने यूं दबोच लिया; शातिराना था मर्डर का तरीका

कत्ल करने के बाद मजे से जी रहा था जिंदगी, 28 साल बाद अचानक घर पहुंचकर पुलिस ने यूं दबोच लिया; शातिराना था मर्डर का तरीका

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Oct 22, 2026 04:45 pm IST,  Updated : Oct 22, 2026 04:45 pm IST

बुरे काम का नतीजा बुरा ही होता है। ये मुहावरा तब एक बार फिर साबित हो गया, जब GRP ने 28 साल बाद एक ऐसे शख्स को बिहार से अरेस्ट किया, जिसने 28 साल पहले एक हत्या की वारदात को अंजाम दिया था।

Thane Murder Case- India TV Hindi
बिहार से 28 साल बाद पकड़ा गया हत्याकांड का आरोपी। Image Source : PEXELS (प्रतीकात्मक फोटो)

महाराष्ट्र के ठाणे में तलाक के विवाद को लेकर हुए एक हत्याकांड को लेकर 28 साल बाद आरोपी पकड़ा गया है। GRP ने अपने एक रिश्तेदार की कथित तौर पर हत्या और वारदात को ट्रेन दुर्घटना का रूप देने के केस में आरोपी को बिहार से पकड़ा है। मुख्य आरोपी की पहचान 55 साल के संदीप कृष्णन के तौर पर हुई है। जानें ये पूरा मामला क्या है और संदीप को कैसे GRP ने 28 साल बाद गिरफ्तार किया।

1998 में हत्याकांड को दिया था अंजाम

जानकारी के मुताबिक, आरोपी संदीप कृष्णन को Modern Technical Surveillance और आंकड़ों के एनालिसिस के माध्यम से पता लगाने के बाद बीते 18 अक्टूबर को GRP की स्पेशल टीम ने बिहार से गिरफ्तार किया। रेलवे पुलिस के अफसरों के मुताबिक, यह वारदात 14 जनवरी, 1998 को हुई थी। उस दिन स्टेशन मास्टर ने डोंबिवली रेलवे पुलिस को डोंबिवली और कोपर रेवले स्टेशनों के बीच रेल की पटरी पर एक लाश के पड़े होने की खबर दी थी।

इस गलती से जांच टीम को हुआ मर्डर का शक

अधिकारियों के मुताबिक, घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद जांच करने वालों को शक हुआ, क्योंकि बॉडी पर चोटों की प्रकृति और शव की स्थिति से इशारा मिला था कि यह रेलवे दुर्घटना के बजाय जानबूझकर किया गया मर्डर था। बाद में मृतक की पहचान 22 साल के शैलेश मोरे के तौर पर हुई थी। पड़ताल में पता चला कि मोरे और आरोपी एक-दूसरे को पहले से जानते थे।

हत्या के बाद शव को पटरी पर रखकर फरार हो गए आरोपी

जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि आरोपी और शैलेश मोरे के बीच पुरानी रंजिश थी। ये नया विवाद होने से पहले दोनों ने साथ में शराब पी थी। हत्या की मुख्य वजह इस बात की नाराजगी थी कि शैलेश मोरे ने आरोपियों में से एक की बहन को डिवोर्स दे दिया था। अधिकारी ने बताया कि विवाद के दौरान आरोपियों ने शैलेश मोरे का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद सबूत मिटाने के मकसद से शव को रेल की पटरी पर रख दिया था।

करीबी तीन दशकों तक होती रही आरोपियों की तलाश

अधिकारी ने आगे कहा कि घटना के बाद तीनों सह-आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस इस मामले में पहले ही फरार आरोपियों के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दायर कर चुकी है, लेकिन आरोपी करीब तीन दशकों तक पकड़ में ही नहीं आए। फिर, पुराने अनसुलझे मामलों में लंबे वक्त से वांटेड अपराधियों को पकड़ने के लिए सीनियर पुलिस अफसरों के मार्गदर्शन में हाल ही में एक स्पेशल टीम बनाई गई।

CDR और मोबाइल टावर की लोकेशन के जरिए मिला सुराग

अधिकारी ने बताया कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR और मोबाइल टावर की लोकेशन के आंकड़ों का प्रयोग करके जांचकर्ताओं ने संदीप कृष्णन का पता बिहार में लगाया। उन्होंने बताया कि इसके बाद एक स्पेशल पुलिस टीम बिहार भेजी गई, जहां से आरोपी को अरेस्ट किया गया है। अधिकारी ने कहा कि संदीप कृष्णन को बिहार की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने ट्रांजिट वारंट जारी कर दिया है।

पुलिस को मिली आरोपी की दो दिन की हिरासत

अधिकारी ने आगे कहा कि इसके बाद आरोपी को डोंबिवली लाया गया और एक कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। इस मामले में शामिल बाकी आरोपियों का पता लगाने की कोशिश जारी है। इससे पहले, उल्हासनगर में हमलावरों ने पहले शख्स को चाकू से काटा, फिर सिर में दो गोलियां दाग दी थीं।

(इनपुट- भाषा)

ये भी पढ़ें- चाय दुकानदार की गोली मारकर हत्या, जान बचाकर भाग रही पत्नी की आंख में मारी गोली, नवगछिया में डबल मर्डर

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। महाराष्ट्र से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।