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कारों की खुदरा बिक्री अगस्त में घट गई इतनी, जानें वजह, ₹77,800 करोड़ मू्ल्य की गाड़ियां बिक्री के इंतजार में

 Edited By: Sourabha Suman
 Published : Sep 05, 2024 12:30 pm IST,  Updated : Sep 05, 2024 12:30 pm IST

अगस्त में दोपहिया वाहनों की बिक्री साल-दर-साल 6 प्रतिशत बढ़कर 13,38,237 यूनिट हो गई, जबकि पिछले साल इसी महीने में 12,59,140 यूनिट थी।

इन्वेंट्री का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, अब स्टॉक दिन 70-75 दिनों तक बढ़ गए हैं।- India TV Hindi
इन्वेंट्री का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, अब स्टॉक दिन 70-75 दिनों तक बढ़ गए हैं। Image Source : FILE

ऑटोमोबाइल कंपनियों के डीलर के एसोसिएशन फाडा (FADA) ने गुरुवार को कहा कि अगस्त में कारों की यानी पैसेंजर व्हीकल्स की खुदरा बिक्री में पांच प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। फाडा ने इसकी वजह भी गिनाई है। उसका कहना है कि ग्राहकों की देरी से खरीदारी, खराब उपभोक्ता भावना और लगातार भारी बारिश के कारण अगस्त में भारत में यात्री वाहन खुदरा बिक्री में कमी देखने को मिली। पीटीआई की खबर के मुताबिक, पिछले महीने कुल पैसेंजर रजिस्ट्रेशन 3,09,053 यूनिट रहा, जबकि अगस्त 2023 में यह 3,23,720 यूनिट था। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के अध्यक्ष मनीष राज सिंघानिया ने एक बयान में कहा कि त्योहारों के मौसम आने के साथ भी, बाजार काफी दबाव में है।

स्टॉक दिन 70-75 दिनों तक बढ़ गए

खबर के मुताबिक, फाडा ने कहा कि यही वजह है कि इन्वेंट्री का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, अब स्टॉक दिन 70-75 दिनों तक बढ़ गए हैं और इन्वेंट्री कुल 7. 8 लाख वाहन है, जिसकी कीमत 77,800 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि स्थिति पर प्रतिक्रिया देने के बजाय, पैसेंजर व्हीकल्स मूल उपकरण निर्माता (OEM) महीने-दर-महीने आधार पर डीलरों को डिस्पैच बढ़ाते जा रहे हैं, जिससे समस्या और बढ़ रही है। सिंघानिया ने कहा कि फाडा सभी बैंकों और NBFC से तत्काल हस्तक्षेप करने और अत्यधिक इन्वेंट्री वाले डीलरों को दिए जाने वाले वित्तपोषण को नियंत्रित करने का आग्रह करता है।

इन्वेंट्री ओवरलोड से संभावित संकट हो सकता है पैदा

डीलरों को भी अपनी वित्तीय सेहत की रक्षा के लिए अतिरिक्त स्टॉक लेना बंद करने के लिए तेजी से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि OEM को भी बिना देरी किए अपनी आपूर्ति रणनीतियों को फिर से तैयार करना चाहिए, अन्यथा उद्योग को इस इन्वेंट्री ओवरलोड से संभावित संकट का सामना करना पड़ सकता है। सिंघानिया ने कहा कि अगर अतिरिक्त स्टॉक का यह आक्रामक दबाव अनियंत्रित रूप से जारी रहता है, तो ऑटो रिटेल इकोसिस्टम को गंभीर व्यवधान का सामना करना पड़ सकता है।

किस सेगमेंट की बिक्री कैसी रही

अगस्त में वाणिज्यिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन में साल-दर-साल 6 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जबकि ट्रैक्टर खुदरा बिक्री में भी साल-दर-साल की तुलना में 11 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। सिंघानिया ने कहा कि हालांकि, अगस्त में दोपहिया वाहनों की बिक्री साल-दर-साल 6 प्रतिशत बढ़कर 13,38,237 यूनिट हो गई, जबकि पिछले साल इसी महीने में 12,59,140 यूनिट थी। पिछले महीने तिपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री भी 2 प्रतिशत बढ़कर 1,05,478 यूनिट हो गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 1,03,782 यूनिट थी।

बीते महीने कुल रजिस्ट्रेशन में पिछले साल की तुलना में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई, जो 18,91,499 यूनिट थी, जबकि पिछले साल अगस्त में यह 18,38,501 यूनिट थी। त्योहारी सीजन और ग्रामीण मांग में सुधार से विकास के लिए आशाजनक अवसर मिल रहे हैं, लेकिन मौजूदा मौसम संबंधी अनिश्चितताएं और उच्च इन्वेंट्री स्तर समग्र सुधार को धीमा कर सकते हैं।

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