केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि यूरोप के नियमों के कारण वहां गाड़ियों की मैन्यूफैक्चरिंग प्रतिस्पर्धी नहीं रह जाएगी और ऐसे में यूरोप की सभी कार कंपनियां भारत में मैन्यूफैक्चरिंग करना पसंद करेंगी। गोयल ने कहा कि भारत ग्लोबल कार मैन्यूफैक्चरिंग हब बनने जा रहा है।
पीयूष गोयल ने सोमवार को दिल्ली में आयोजित 'दिल्ली डायलॉग' कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ''आखिरकार भारत कार विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनने जा रहा है। सभी कंपनियां भारत आएंगी और यहां विनिर्माण करेंगी। यूरोप में इतने अव्यावहारिक नियम हैं कि वहां प्रतिस्पर्धी बने रहना असंभव हो जाएगा। सभी यूरोपीय विनिर्माता भारत आएंगे।''
भारत ने FTA के तहत ब्रिटेन और यूरोपीय संघ को दी हैं कोटा आधारित शुल्क रियायतें
बताते चलें कि भारत ने FTA के तहत ब्रिटेन और यूरोपीय संघ (EU) को कोटा आधारित शुल्क रियायतें दी हैं। ब्रिटेन के साथ समझौता 15 जुलाई से लागू हो गया था, जबकि यूरोपीय संघ के साथ समझौते पर इस साल के अंत तक हस्ताक्षर होने की संभावना है।
पीयूष गोयल ने टाटा और जगुआर का किया जिक्र
पीयूष गोयल ने कहा, ''मुझे नहीं पता कि आप इस बारे में जानते हैं या नहीं। टाटा को जगुआर खरीदने के बाद काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। टाटा मोटर्स खुद भी बंद होने की कगार पर पहुंच गई थी। इसके बाद कंपनी ने बड़े पैमाने पर इंजीनियरिंग में बदलाव किए और कुछ मॉडल भारत में बनाने शुरू किए। कई साल बाद आखिरकार वो मुनाफा कमाने में सफल हुई।''
भारत और कुछ अन्य देशों ने ईयू की CBAM को लेकर जताई चिंता
मंत्री ने यूरोपीय संघ के किसी नियम का विस्तार से उल्लेख नहीं किया। हालांकि, भारत और कुछ अन्य देशों ने ईयू की कार्बन सीमा समायोजन व्यवस्था (CBAM) को लेकर चिंता जताई है। गोयल ने कहा कि जैसे-जैसे भारतीय बाजार में मांग का स्तर विनिर्माण को व्यावहारिक रूप से संभव बनाने लायक होगा, वैसे-वैसे अंतरराष्ट्रीय ऑटोमोबाइल कंपनियां भारत में ज्यादा विनिर्माण करेंगी।
भारतीय बाजार की संभावनाएं परखने के बाद कंपनियों ने पुणे में लगाए मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट
ब्रिटेन और यूरोपीय संघ से कारों के इंपोर्ट के लिए तय कोटा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसके तहत मुख्य रूप से महंगी कारों को शामिल किया गया है, जबकि कम कीमत वाली कारों को अभी नहीं खोला गया है। मंत्री ने उन लग्जरी कार कंपनियों का उदाहरण दिया, जिन्होंने शुरुआत में भारतीय बाजार की संभावनाएं परखने के बाद पुणे में मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट लगाए।
ऑटो कंपनियों को आकर्षित करने और इस क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने की काफी संभावनाएं
उन्होंने कहा कि भारत में ग्लोबल ऑटो कंपनियों को आकर्षित करने और इस क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने की काफी संभावनाएं हैं। गोयल ने भारत की युवा आबादी की ताकत का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे देश को ऐसे समय में अवसर मिलते हैं, जब कई अर्थव्यवस्थाओं में बुजुर्ग आबादी का अनुपात बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जर्मनी और जापान जैसे देशों में भारतीय कामगारों की मांग है।
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