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यूपी में स्क्रैप हुईं 1.95 लाख से ज्यादा गाड़ियां, 10 हजार से ज्यादा सरकारी वाहनों की भी हुई स्क्रैपिंग

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Jul 21, 2026 07:58 am IST,  Updated : Jul 21, 2026 07:58 am IST

यूपी सरकार ने अपने बयान में बताया कि स्क्रैप की गईं 1.95 लाख गाड़ियों में 1.85 लाख प्राइवेट गाड़ियां और 10,000 से ज्यादा सरकारी गाड़ियां भी शामिल हैं।

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टाटा मोटर्स का स्क्रैपिंग सेंटर (सांकेतिक तस्वीर) Image Source : TATA MOTORS

उत्तर प्रदेश सरकार की व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी के तहत 1.95 लाख से ज्यादा पुराने और अपना समय पूरा कर चुकी गाड़ियों की वैज्ञानिक तरीके से स्क्रैपिंग की गई है। यूपी सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, यूपी में व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी लागू होने के बाद इस साल 30 जून तक इन सभी गाड़ियों को स्क्रैप किया गया है। राज्य सरकार द्वारा सोमवार को जारी एक बयान में ये जानकारी दी गई है। बताते चलें कि यूपी सरकार भी राज्य में सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और एडवांस ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने पर जोर दे रही है।

1.95 लाख गाड़ियों में 10,000 से ज्यादा सरकारी गाड़ियां भी शामिल

यूपी सरकार ने अपने बयान में बताया कि स्क्रैप की गईं 1.95 लाख गाड़ियों में 1.85 लाख प्राइवेट गाड़ियां और 10,000 से ज्यादा सरकारी गाड़ियां भी शामिल हैं। इन सभी गाड़ियों की स्क्रैपिंग अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्रों पर गई हैं। बयान के अनुसार, इस तरह प्रदेश में अब तक कुल 1.95 लाख से ज्यादा पुरानी और अनुपयोगी गाड़ियों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया गया है। 

पूरे राज्य में रजिस्टर हुईं 101 व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी

अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश सरकार ने व्हीकल स्क्रैपिंग की पूरी प्रक्रिया को तकनीक आधारित, पारदर्शी और आसान बनाया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मौजूदा समय में 101 रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (RVSF) का रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है, जिनमें से 50 सेंटर पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं।

केंद्र सरकार के वी-स्क्रैप पोर्टल के जरिए चल रहा है प्रोसेस

सरकारी बयान के मुताबिक इन स्क्रैपिंग सेंटरों के माध्यम से पुरानी और अनुपयोगी गाड़ियों को स्क्रैप करने का पूरा प्रोसेस केंद्र सरकार के वी-स्क्रैप पोर्टल और व्हीकल सिस्टम के जरिए ऑनलाइन ऑपरेट होता है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होने के साथ ही गाड़ी के मालिकों को भी अनावश्यक भाग-दौड़ से राहत मिल रही है।

दिल्ली में गाड़ी स्क्रैप कराने पर मिल रहा है 1 लाख रुपये तक का इंसेंटिव

बताते चलें कि दिल्ली में 1 जुलाई से नई EV Policy लागू हो गई है। इस पॉलिसी के तहत, पुरानी गाड़ियों को बेचकर नई इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। दिल्ली सरकार टू-व्हीलर से लेकर थ्री-व्हीलर तक और कार से लेकर ट्रक की खरीद पर भी सब्सिडी दे रही है। इसके साथ ही, दिल्ली सरकार पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप कराने पर भी 1 लाख रुपये तक का इंसेंटिव दे रही है।

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