Automobile Sales in 2025: भारत में पिछले साल गाड़ियों की कुल खुदरा बिक्री 7.71 प्रतिशत बढ़कर 2.81 करोड़ से ज्यादा रही। ऑटोमोबाइल डीलरों के संगठन फाडा ने मंगलवार को ये जानकारी दी। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) ने साल 2025 के बिक्री आंकड़े जारी करते हुए कहा कि साल की सुस्त शुरुआत के बावजूद जीएसटी दरों में कटौती के बाद मांग में सुधार आया और बिक्री को मजबूती मिली। फाडा के मुताबिक, साल 2025 में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री 9.7 प्रतिशत बढ़कर 44.75 लाख रही, जो एक साल पहले 40.79 लाख थी।
साल 2025 में 2 करोड़ के पार पहुंची टू-व्हीलर्स की बिक्री
फाडा के मुताबिक, पिछले साल दोपहिया वाहनों की बिक्री 7.24 प्रतिशत बढ़कर 2.02 करोड़ पर पहुंच गई। इस दौरान तिपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री 7.21 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 13.09 लाख रही, जबकि कमर्शियल गाड़ियों की बिक्री 6.71 प्रतिशत बढ़कर 10.09 लाख हो गई। फाडा के अध्यक्ष सी. एस. विग्नेश्वर ने इन आंकड़ों पर कहा कि 2025 का साल दो हिस्सों में बंटा रहा। बजट में डायरेक्ट टैक्स राहत और आरबीआई की ब्याज दरों में कटौती जैसे अनुकूल संकेत मौजूद होने के बावजूद जनवरी से अगस्त तक बाजार सुस्त बना रहा। इस दौरान ग्राहक खर्च को लेकर सतर्क रहे और वित्त मंजूरी भी कुछ क्षेत्रों में सीमित रही।
जीएसटी दरों में कटौती के बाद बिक्री में आई जोरदार तेजी
हालांकि, सितंबर में जीएसटी दरों में कटौती लागू होने के बाद गाड़ियों की बिक्री की तस्वीर बदल गई। जीएसटी में कटौती से खासकर छोटी कारों, दोपहिया, तिपहिया और कुछ कमर्शियल गाड़ियों की कीमतें कम हो गईं। इससे ग्राहकों की धारणा में सुधार आया और सितंबर से दिसंबर के बीच जमकर गाड़ियों की बिक्री हुई। फाडा ने बताया कि 2025 में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी भी बढ़ी, जबकि सीएनजी गाड़ियों की मौजूदगी यात्री और कमर्शियल सेगमेंट में मजबूत हुई, जिससे परिवहन विकल्पों में विविधता देखने को मिली।
इस साल भी जारी रह सकती है तेजी
इस साल के परिदृश्य को लेकर फाडा ने कहा कि अगले तीन महीनों में 74.9 प्रतिशत डीलर बिक्री बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं। त्योहारों, शादी के मौसम, रबी की बेहतर फसल और अपेक्षाकृत कम ब्याज दरों से मांग को सहारा मिलने की संभावना है।



































