इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बाजार में जिस टेस्ला (Tesla) का नाम कभी पर्याय माना जाता था, अब उसी के दबदबे पर सवाल खड़े हो रहे हैं। साल 2025 में चीन की कार निर्माता कंपनी BYD ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने पूरी ऑटो इंडस्ट्री को चौंका दिया। दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार कंपनी का ताज अब एलन मस्क की टेस्ला से छिन चुका है और यह उपलब्धि चीन की BYD ने हासिल की है, वो भी एक साल में 22 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक कारें बेचकर।
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आंकड़ों के मुताबिक, BYD ने 2025 में 22.6 लाख बैटरी इलेक्ट्रिक कारें बेचीं, जबकि टेस्ला की डिलीवरी 16.3 लाख यूनिट्स पर सिमट गई। यह सिर्फ नंबरों का खेल नहीं, बल्कि ग्लोबल EV बाजार में बदलते पावर सेंटर का संकेत है। चीन की कंपनियां अब इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के जरिए ग्लोबल ऑटो सेक्टर में अपना वर्चस्व स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
टेस्ला की मुश्किलें
टेस्ला के लिए साल 2025 कई मोर्चों पर चुनौतीपूर्ण रहा। अमेरिका में EV सब्सिडी खत्म होना, उत्सर्जन नियमों में ढील और डोनाल्ड ट्रंप की EV-विरोधी नीतियों का सीधा असर कंपनी की बिक्री पर पड़ा। इसके अलावा, एलन मस्क के राजनीतिक रुख को लेकर उपभोक्ताओं के एक वर्ग में नाराजगी भी देखने को मिली। नतीजा यह हुआ कि साल की आखिरी तिमाही में टेस्ला की डिलीवरी उम्मीद से काफी कम रही और पूरे साल की बिक्री 9 फीसदी घट गई।
BYD की तेज रफ्तार
दूसरी ओर, BYD ने विपरीत हालात में भी मजबूती दिखाई। दिसंबर में हल्की सुस्ती के बावजूद कंपनी की इलेक्ट्रिक कार बिक्री साल भर में 28 फीसदी बढ़ी। BYD न सिर्फ EV सेगमेंट में आगे निकली, बल्कि हाइब्रिड और कमर्शियल व्हीकल्स में भी उसका प्रदर्शन मजबूत रहा। 2025 में BYD ने कुल 45.5 लाख वाहन बेचे, जिसमें इलेक्ट्रिक बसें और ट्रक भी शामिल हैं।
चीन की टेक्नोलॉजी बढ़त
1995 में बैटरी कंपनी के रूप में शुरू हुई BYD आज टेक्नोलॉजी और स्केल दोनों में टेस्ला को कड़ी टक्कर दे रही है। कंपनी का एडवांस ड्राइवर-असिस्ट सिस्टम ‘God’s Eye’ अब उसकी सस्ती कारों में भी उपलब्ध है, जो टेस्ला की ऑटोनॉमस ड्राइविंग स्ट्रेटेजी को सीधी चुनौती देता है।