केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि जयपुर में जल्द ही डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की मैन्यूफैक्चरिंग के लिए 5000 युवाओं को ट्रेनिंग दिए जाने की घोषणा भी की। वैष्णव ने 'राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट' को संबोधित करते हुए कहा कि स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने एआई का इंडेक्स जारी किया है, जिसमें भारत को टॉप 3 देशों में जगह मिली है। ये देश के लिए गौरव की बात है।
देश की अर्थव्यवस्था की ताकत है आईटी इंडस्ट्री
मंत्री ने कहा, ‘‘चीन, अमेरीका और भारत टॉप तीन देशों में शामिल हैं। भारत की आईटी इंडस्ट्री हमारी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बड़ी ताकत है। उसमें राजस्थान की बहुत बड़ी भूमिका है। ऐसे में आईटी इंडस्ट्री को इस नए युग के लिए तैयार करना, नई टेक्नोलॉजी के लिए सक्षम बनाना और छात्रों को इस इंडस्ट्री के लिए तैयार करना बहुत बड़ी भूमिका है। आज 10 लाख नौजवानों को एआई स्किल्स में ट्रेन करने का कार्यक्रम राजस्थान से शुरू हुआ है। इसका फायदा देश के सभी नौजवानों को मिलेगा।’’
राजस्थान में एआई और मशीन लर्निंग पॉलिसी लागू
अश्विनी वैष्णव ने राजस्थान में एआई और मशीन लर्निंग पॉलिसी लागू करने के लिए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस पॉलिसी से राजस्थान को बहुत फायदा मिलेगा और आने वाले समय में राज्य बहुत बड़ा टेक सेंटर बनेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रदेश में टेक स्टार्टअप का बेहतर परिवेश विकसित करने के लिए सरकार अलग-अलग स्तरों पर कोशिश कर रही है। आज राजस्थान ई-गवर्नेंस और डिजिटल समावेश से आगे बढ़कर एआई में अग्रणी बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।"
पॉलिसी से ज्यादा तेज बनेगा सार्वजनिक सेवा वितरण
सीएम ने कहा, "एआई हमारी डिजिटल यात्रा का अगला चरण है। इसी दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए एआई और मशीन लर्निंग पॉलिसी लागू की गई है। इस पॉलिसी से सार्वजनिक सेवा वितरण को ज्यादा तेज, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकेगा। इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और नवाचार-आधारित आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहन मिलेगा।’’



































