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1 मई से इस कंपनी की कारें हो जाएंगी महंगी, 1 लाख रुपये तक ज्यादा चुकानी पड़ेगी कीमत

 Edited By: Sourabha Suman
 Published : Apr 17, 2026 05:24 pm IST,  Updated : Apr 17, 2026 05:47 pm IST

कई घरेलू और विदेशी कार कंपनियों ने बढ़ती इनपुट लागत का हवाला देते हुए अपनी कारों की कीमतों में बढ़ोतरी का 1 मई से ऐलान कर दिया है। यानी भारत में अगले महीने से कार खरीदारों को ज्यादा पैसे चुकाने होंगे।

भारत में बिकने वाली कंपनी के सभी मॉडल पर नई कीमतें लागू होंगी।- India TV Hindi
भारत में बिकने वाली कंपनी के सभी मॉडल पर नई कीमतें लागू होंगी। Image Source : ऑफिशियल वेबसाइट

वोल्वो कार इंडिया ने घोषणा की है कि 1 मई 2026 से कंपनी अपने पूरे वाहन पोर्टफोलियो की कीमतों में अधिकतम 1 लाख रुपये तक की बढ़ोतरी करेगी। कंपनी ने इस मूल्य संशोधन का कारण वैश्विक स्तर पर जारी सप्लाई-चेन बाधाएं और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में लगातार उतार-चढ़ाव बताया है। वोल्वो के मुताबिक, ये कारक अब मूल्य वृद्धि को अनिवार्य बना चुके हैं। यह मूल्य वृद्धि वोल्वो की सभी मौजूदा कारों पर लागू होगी। ग्राहक जो 30 अप्रैल 2026 तक बुकिंग करवाते हैं, उन्हें पुरानी कीमत पर कार मिल सकेगी।

भविष्य में कीमतों में और संशोधन के संकेत!

खबर के मुताबिक, वोल्वो कार इंडिया ने स्पष्ट किया कि ग्राहकों को मिलने वाली उच्चतम स्तरीय सुरक्षा और लग्जरी फीचर्स के स्टैंडर्ड को बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है। कंपनी की प्राथमिकता हमेशा प्रीमियम क्वालिटी और सुरक्षा को बनाए रखना है। कंपनी ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियां जस की तस बनी रहीं, तो भविष्य में कीमतों में और संशोधन किए जा सकते हैं।

वोल्वो की ये कारें होंगी महंगी

वोल्वो कार इंडिया भारत में EX30, EX40, XC90,XC60 और EC40 कारों की बिक्री करती है। इनकी एक्सशोरूम कीमत ₹41,00,000 से लेकर ₹97,80,000 तक है। 

ये दो प्रमुख भी कंपनियां कर चुकी हैं घोषणा 

इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता BYD India अपने सभी मॉडलों की कीमतों में 2 से 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी करेगी। यह साल 2026 में BYD की दूसरी मूल्य वृद्धि होगी। यह बढ़ोतरी 1 मई 2026 से लागू होगी। ह्युंडई मोटर इंडिया भी अपनी कारों की कीमतों में 1 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने वाली है। यह वृद्धि मई 2026 से प्रभावी होगी। दोनों कंपनियों ने वैश्विक सप्लाई चेन की चुनौतियों, कच्चे माल की बढ़ती लागत और रुपये के कमजोर होने को इस मूल्य संशोधन का मुख्य कारण बताया है। 

इन खास वजहों से है कीमतों पर दबाव

  • इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाली बैटरियों के प्रमुख कच्चे माल-जैसे लिथियम, निकल और कोबाल्ट की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसका सीधा असर निर्माण लागत पर पड़ रहा है, खासकर ईवी सेगमेंट में, जहां उत्पादन पहले से ही महंगा होता है।
  • मध्य पूर्व और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है। इससे ऑटो पार्ट्स और कच्चे माल की आपूर्ति में देरी हो रही है, साथ ही आयात लागत भी बढ़ गई है।
  • भारतीय रुपया यूरो के मुकाबले कमजोर हो रहा है, जिससे यूरोप से आयात होने वाले कंपोनेंट्स और पूरी तरह से बनी गाड़ियों की लागत बढ़ गई है। इसका सबसे ज्यादा असर लग्ज़री और प्रीमियम कार कंपनियों पर पड़ रहा है।
  • आने वाले समय में CAFÉ 3 (कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिसिएंसी) और BS7 जैसे सख्त उत्सर्जन मानकों को लागू किया जाएगा। इन नियमों का पालन करने के लिए कंपनियों को नई तकनीक और रिसर्च में भारी निवेश करना पड़ेगा।
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