वाशिंगटन। भारत में आम बजट पेश होने से पहले अमेरिका के कारपोरेट जगत ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से अनुरोध किया है कि वह बहुराष्ट्रीय कंपनियों और सांस्थानिक निवेशकों के लिए कर अनिश्चतता को कम करने की दिशा में काम करें। यह एक ऐसा कदम होगा जिससे भारत को ज्यादा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने में मदद मिल सकती है।
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अमेरिका-भारत कारोबार परिषद (यूएसआईबीसी) की अध्यक्ष निशा देसाई बिस्वाल ने जेटली को भेजे एक ज्ञापन में कहा है कि भारत में बहुराष्ट्रीय कंपनियों और सांस्थानिक निवेशकों के लिए कर अनिश्चतता को कम करना देश के निवेश माहौल को बेहतर करने में एक सकारात्मक कदम होगा।
निशा ने कहा कि आज के आर्थिक माहौल में बाजार को मिलने वाली पूंजी दुर्लभ है और हमें इसका अधिकतम रिटर्न लेना है। वैश्विक कारोबार में पूंजी का निवेश वहां होता है जहां जोखिम पर कर बाद का रिटर्न उच्चतम हो।
उन्होंने कहा कि उनके हिसाब से जहां कर-अनिश्चितता ज्यादा होती है विशेषकर किसी विदेशी देश में, निवेशक वहां बहुत पुरातन सोच से निवेश करते हैं।