नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ने 22 किलोमीटर लंबी महत्वाकांक्षी मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक परियोजना को नए सिरे से तटीय नियमन क्षेत्र (सीआरजेड) मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर 11,370 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इससे पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने अक्टूबर में आदेश जारी कर पर्यावरण मंत्रालय की 2013 की तटीय मंजूरी को खारिज कर दिया था और नए सिरे से इस प्रस्ताव पर विचार करने को कहा था। ताजा फैसला एनजीटी के इसी आदेश के बाद आया है।
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प्रस्तावित मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक परियोजना का क्रियान्वयन मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) द्वारा किया जा रहा है। इसके तहत मुंबई में भीड़भाड़ तथा प्रदूषण कम करने के लिए छह लेन के सड़क पुल का निर्माण किया जाना है। महाराष्ट्र सरकार का इरादा इस परियोजना पर मार्च में निविदा निकालने तथा इस महत्वपूर्ण लिंक को 2019 तक पूरा करने का है।
मंत्रालय ने एमएमआरडीए को लिखे पत्र में कहा है कि एनजीटी के निर्देशों के अनुरूप एमएमआरडीए की मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक परियोजना पर विशेषज्ञ आकलन समिति (ईएसी) ने विचार किया। ईएसी की सिफारिशों के अनुरूप पर्यावरण मंत्रालय परियोजना को सीआरजेड मंजूरी दे रहा है। इसमें कहा गया है कि इस परियोजना को हरित मंजूरी कुछ विशेष व सामान्य शर्तों को पूरा करने की स्थिति में दी गई है। विशेष शर्तों के तहत मंत्रालय ने एमएमआरडीए से कहा है कि उसे 47.41 हेक्टेयर वन भूमि का इस्तेमाल बदलने के लिए जरूरी वन मंजूरी हासिल करनी होगी।