Wednesday, February 18, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. घर खरीदारों का पैसा बिल्‍डरों द्वारा कहीं और लगाना गलत, हम इस बेतुकी हरकत को समाप्त करना चाहते हैं: सुप्रीम कोर्ट

घर खरीदारों का पैसा बिल्‍डरों द्वारा कहीं और लगाना है गलत, हम इस बेतुकी हरकत को समाप्त करना चाहते हैं: सुप्रीम कोर्ट

Edited by: Manish Mishra Published : Aug 02, 2018 01:05 pm IST, Updated : Aug 02, 2018 01:05 pm IST

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि जमीन-जायदाद के विकास से जुड़ी कंपनियों का निवेशकों से प्राप्त फंड का दूसरी जगह उपयोग एक ‘बुराई’ है और वह इस ‘बकवास’ को हमेशा के लिये रोकना चाहता है।

Diversion of Funds by Builders- India TV Paisa

Diversion of Funds by Builders

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि जमीन-जायदाद के विकास से जुड़ी कंपनियों का निवेशकों से प्राप्त फंड का दूसरी जगह उपयोग एक ‘बुराई’ है और वह इस ‘बकवास’ को हमेशा के लिये रोकना चाहता है। शीर्ष अदालत ने कहा कि अगर रियल एस्टेट कंपनियां या बिल्डर किसी आवासीय परियोजना या वाणिज्यिक परियोजनाओं के लिए निवेशकों से प्राप्त धन का दूसरी परियोजनाओं को पूरा करने में उपयोग करते हैं, तो यह प्रथम दृष्ट्या गबन और आपराधिक विश्वासघात का मामला बनता है।

न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति उदय यू ललित की पीठ ने संकटग्रस्त रीयल एस्टेट कंपनी आम्रपाली समूह से संबद्ध मामले की सुनवाई के दौरान यह बात कही। पीठ ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि कैसे आम्रपाली समूह ने 2,765 करोड़ रुपये का फंड कथित रूप से अन्य परियोजनाओं में किया।

न्यायालय ने कहा, ‘कैसे वे (चार्टर्ड एकाउंटेंट) इस प्रकार धन की हेराफेरी की अनुमति दे सकते हैं।’ पीठ ने कहा कि निवेशक ने किसी परियोजना को पूरा करने के लिये जो पैसा दिया है, उसका दूसरी परियोजनाओं में उपयोग नहीं हो सकता क्योंकि यह आपराधिक गबन है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि यह (फंड का दूसरी जगह उपयोग) एक समस्या है जो सभी बिल्डरों को प्रभावित कर रहा है। हम इस बेतुकी हरकत को हमेशा के लिये समाप्त करना चाहते हैं।

Latest Business News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

Advertisement
Advertisement
Advertisement