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महज 8 वर्षों में Flipkart के बल पर बंसल बंधुओं की फोर्ब्स लिस्ट में एंट्री

 Written By: Shubham Shankdhar
 Published : Sep 24, 2015 12:59 pm IST,  Updated : Sep 28, 2015 06:30 am IST

करीब 8 साल पहले शुरु हुई ई-कॉमर्स कंपनी Flipkart आज ऐसे मुकाम पर खड़ी हैं जहां पर पहुंचने के लिए अंबानी और टाटा जैसे उद्योगपतियों ने बरसों लगा दिए।

महज 8 वर्षों में Flipkart के बल पर बंसल बंधुओं की फोर्ब्स लिस्ट में एंट्री- India TV Hindi
महज 8 वर्षों में Flipkart के बल पर बंसल बंधुओं की फोर्ब्स लिस्ट में एंट्री

भारत की अग्रणी ई-कॉमर्स कंपनी Flipkart के मालिक सचिन और बिन्नी बंसल भी अब भारत के सभी धनी व्यक्तियों की फेहरिस्त में शामिल हो गए हैं। फोर्ब्स की ओर से भारत के सभी धनी व्यक्तियों की सूची में बंसल बंधुओ ने 86वें पायदान के साथ पहली बार एंट्री मारी है।यह कारनामा उन्होने एक दशक से भी कम समय में ई कॉमर्स कंपनी Flipkart की बदौलत कर दिखाया। फोर्ब्स की सूची के मुताबिक सचिन और बिन्नी बंसल दोनो की अपनी-अपनी संपत्ति करीब 1.3 बिलियन डॉलर (8,582 करोड़ रुपए) की है।

Flipkart के आने से पहले ई-कॉमर्स का कांसेप्ट बाजार में नया नहीं था, लेकिन इस कंपनी में ऐसा कुछ खास है जो इसे औरों से अलग करता है। कंपनी के मुताबिक इसके पास हर तरह के सामनों की उपलब्धता और सामान की खरीद के पहले और बाद मिलने वाले ग्राहकों का बेहतर फीडबैक ही इस कंपनी की सफलता की कहानी कहते हैं। Flipkart शुरू करने से पहले बंसल बंधु अमेजॉन डॉट कॉम के पूर्व कर्मचारी रह चुके है। Flipkart की शुरुआत साल 2007 में की गई थी और 2015 आते आते यह एक बिलियन डॉलर का कुल राजस्व कमाने वाली कंपनी बनने जा रही है।

कैश ऑन डिलीवरी सिस्टम पर काम करने वाली कंपनी, जो ऑर्डर के 12 घंटों के भीतर आपके घर तक सर्विस देने का दावा करती है हर मिनट 10 प्रोडक्ट का आर्डर लेती है। Flipkart की शुरुआत सिर्फ 4 लाख रुपए के साथ हुई थी। इस रकम की मदद से www.flipkart.com वेबसाइट बनाई गई थी। इसे Flipkart Online Services Pvt. Ltd नाम से रजिस्टर्ड कराया गया था। आज यह कंपनी भारतीय बाजार की दिग्गज ई-कॉमर्स रिटेलर बन चुकी है।

बुक्स, स्टेशनरी और लाइफस्टाइल से जुड़ी चीजें उपलब्ध कराने वाली Flipkart ने साल 2009 में वेंचर कैपिटल फंड एस्सेल इंडिया से 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर, साल 2010 में 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर और टाइगर ग्लोबल से साल 2011 में 20 मिलियन डॉलर जुटाए। लेकिन कंपनी ने यह कहकर सबको हैरान कर दिया कि उसने बाजार में उपलब्ध मौजूदा निवेशकों जैसे कि टाइगर ग्लोबल मैनेजमैंट एलएलसी, एस्सेल पार्टनर और मार्गन स्टैनले इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट के साथ ही सिंगापुर के सॉवरेन वेल्थ फंड जीआईसी के जरिए करीब एक बिलियन डॉलर जुटाए हैं। न्यूयॉर्क से काम करने वाली एक निजी इक्विटी कंपनी टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट एलएलसी आज Flipkart में सबसे बड़ी निवेशक है।

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