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1 दिसंबर 2019 से बदल गए हैं ये जरूरी नियम, पहले ही दिन लगा महंगाई का झटका

साल के आखिरी महीने के पहले दिन यानी 1 दिसंबर 2019 को कई नियमों में बदलाव किया गया है।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: December 01, 2019 12:48 IST
1 दिसंबर 2019 से बदल गए हैं ये जरूरी नियम, जानिए आपकी जेब पर पड़ेगा कितना असर - India TV Paisa

1 दिसंबर 2019 से बदल गए हैं ये जरूरी नियम, जानिए आपकी जेब पर पड़ेगा कितना असर 

नई दिल्ली। साल के आखिरी महीने के पहले दिन यानी 1 दिसंबर 2019 को कई नियमों में बदलाव किया गया है। इन बदले हुए नियमों का आपकी जेब पर सीधा असर पड़ने वाला है। जानिए आखिर 1 दिसंबर 2019 से कौन-कौन से नियमों में बदलाव हो रहा है।  

रसोई गैस के बढ़े दाम

नए साल के पहले आम उपभोक्ताओं को पर एक और महंगाई का झटका लगा है। रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं। रसोई गैस के दामों में लगातार चौथे महीने बढ़ोत्तरी की गई है। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दाम 13.50 रुपए प्रति सिलेंडर बढ़ गए हैं। 1 दिसंबर 2019 से बढ़ी हुई कीमतें लागू हो गई हैं। 

अब 24 घंटे मिलेगा NEFT सुविधा का लाभ

सबसे पहले डिजिटल भुगतान करने वालों के लिए खुशखबरी है। ऑनलाइन ट्रंजेक्शन करने वाले उपभोक्ता अब 1 दिसंबर 2019 यानि आज से नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) सुविधा का लाभ सातों दिन और 24 घंटे उठा सकेंगे। अभी सभी कार्य दिवस पर सुबह आठ बजे से शाम सात बजे तक ही एनईएफटी हो सकती है। साथ ही जनवरी से इस पर कोई शुल्क भी नहीं लगेगा। उम्मीद है कि इससे देश में रिटेल पेमेंट सिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव आएगा

कॉल करना व इंटरनेट का इस्तेमाल करना हो जाएगा महंगा

1 दिसंबर 2019 से मोबाइल फोन उपभोक्ताओं के लिए कॉलिंग के साथ-साथ इंटरनेट का इस्तेमाल करना भी महंगा होने जा रहा है। आर्थिक संकट से गुजर रही टेलीकॉम कंपनियों के कर्ज का बोझ अब सीधा मोबाइल फोन उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला है। टेलीकॉम कंपनियां टैरिफ प्लान के दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं। रिलायंस जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया के टैरिफ प्लान के दाम जल्द ही बढ़ सकते हैं। हालांकि, दरों में कितनी वृद्धि होगी इस बारे में कंपनियों ने अभी कोई खुलासा नहीं किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वोडाफोन आइडिया और एयरटेल के टैरिफ प्लान 35 फीसदी तक महंगे हो सकते हैं। टेलीकॉम सेक्टर के जानकारों का कहना है कि 14 साल पुराने एडजेस्टेड ग्रास रेवेन्यू (एजीआर) के मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद टेलीकॉम कंपनियों पर देनदारी का दबाव बढ़ गया है, इसीलिए कंपनियों का कहना है कि नुकसान और उद्योग को व्यवहारिक बनाए रखने के लिए दरें बढ़ाना जरूरी हो गया है।

आईडीबीआई बैंक ने बदला ये नियम

आईडीबीआई बैंक के एटीएम से जुड़े नियमों में भी बदलाव 1 दिसंबर 2019 से लागू हो गया है। आईडीबीआई बैंक के ग्राहक अगर अब किसी दूसरे बैंक के एटीएम से लेन-देन करता है और कम बैलेंस के कारण लेन-देन फेल हो जाता है तो उसे 20 रुपए प्रति ट्रांजेक्शन देना होगा। 

बीमा पॉलिसी 15 फीसदी तक हो सकती हैं महंगी

लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी) 1 दिसंबर 2019 से कंपनी अपने प्लानंस और प्रपोसल फॉर्म में बड़े बदलवाव करने जा रही है। बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) के नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, अब आपकी जीवन बीमा पॉलिसी का प्रीमियम 15 फीसदी तक महंगा हो गया है। हालांकि, नए नियमों का असर एक दिसंबर 2019 से पहले बेची गई पॉलिसी पर नहीं पड़ेगा। साथ ही बीमा पॉलिसी के बीच में बंद होने के पांच साल के भीतर उसे अब रिन्यू भी करा सकेंगे, अभी इसकी अवधि दो साल है।

एथेनॉल की कीमतों में बढ़ोत्तरी

सितंबर में केंद्र सरकार द्वारा 1.84 रुपए तक बढ़ाई गई एथेनॉल की कीमत एक दिसंबर 2019 से लागू होगी। सी श्रेणी के सीरे से निकलने वाले एथेनॉल की कीमत 19 पैसे बढ़कर 43.75 रुपए प्रति लीटर और बी श्रेणी के सीरे से मिले एथेनॉल की कीमत 1.84 रुपए बढ़कर 54.27 रुपए प्रति लीटर हो जाएगी।

ट्रेन में चाय, नाश्ता और खाना हो रहा महंगा

रेल यात्रियों को भी झटका लगने वाला है। अब ट्रेन यात्रियों को ट्रेन में चाय और भोजन के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। रेलवे बोर्ड में पर्यटन एवं खान-पान विभाग के निदेशक की तरफ से इस संदर्भ में एक सर्कुलर भी जारी किया गया है। सर्कुलर के मुताबिक, राजधानी, शताब्दी और दुरंतो ट्रेनों में चाय, नाश्ता और खाना महंगा होने जा रहा है। बता दें कि इन ट्रेनों की टिकट लेते वक्त ही चाय, नाश्ते और खाने का पैसा देना होता है। साथ ही दूसरी ट्रेनों के यात्रियों को भी महंगाई की मार झेलनी पड़ेगी। नया मेन्यू और शुल्क दिसंबर में अपडेट हो जाएगा। 

आरबीआई घटा सकता है रेपो रेट

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) एक बार फिर रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती कर सकता है। तीन से पांच दिसंबर चलने वाली मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee/एमपीसी) बैठक में रेपो रेट को घटाकर 4.90 फीसदी पर की जा सकती है। सर्वे में शामिल अधिकतर अर्थशास्त्रियों का कहना है कि घरेलू कर्ज की धीमी रफ्तार और कंपनियों के घटते मुनाफे की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार पकड़ने में समय लगेगा। 

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