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आयकर विभाग का सहकारी बैंकों पर बड़ा आरोप, कहा- नोटबंदी का इस्तेमाल ब्लैकमनी को सफेद करने के लिए किया

 Written By: Ankit Tyagi
 Published : Jan 10, 2017 07:59 am IST,  Updated : Jan 10, 2017 07:59 am IST

आयकर विभाग ने सहकारी बैंकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सहकारी बैंकों ने नोटबंदी को कालेधन को सफेद करने के अवसर के रूप में इस्तेमाल किया।

आयकर विभाग का सहकारी बैंकों पर गंभीर आरोप, कहा- नोटबंदी का इस्तेमाल ब्लैकमनी को सफेद करने के लिए किया- India TV Hindi
आयकर विभाग का सहकारी बैंकों पर गंभीर आरोप, कहा- नोटबंदी का इस्तेमाल ब्लैकमनी को सफेद करने के लिए किया

नई दिल्ली। आयकर विभाग ने देशभर में सहकारी बैंकों के कामकाज के तरीके पर गंभीर चिंता जताई है। विभाग ने दावा किया कि सहकारी बैंकों ने नोटबंदी को कालेधन को सफेद करने के अवसर के रूप में इस्तेमाल किया।

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आयकर विभाग की जांच में हुआ खुलासा

  • आयकर विभाग की एक विश्लेषण रिपोर्ट के मुताबिक, 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद इनकम टैक्स अधिकारियों द्वारा की गई जांच में कई अहम जानकारियां मिली है।
  • 8 नवंबर के बाद ने पाया कि ये बैंक कालेधन के सृजन और उसे ठिकाने लगाने में अभूतपूर्व स्तर पर लगे हुए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को ही 500 और 1,000 का नोट बंद करने की घोषणा की थी।

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बैंकों ने  गैरकानूनी तरीकों से ब्लैकमनी को व्हाइट किया

  • रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस तरह की गैरकानूनी गतिविधियों में कई तरीकों से साठगांठ देखने को मिली। इन बैंकों ने बड़ी मात्रा में धनराशि को काले से सफेद करने के लिए चालाक तथा गैरकानूनी रास्ता अख्तियार किया।

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राजस्थान के कई बैंकों का रिपोर्ट में है जिक्र

  • आयकर जांच में पाया गया कि ऐसे एक मामले में एक छोटे से कस्बे राजस्थान के अलवर में बैंक के निदेशकों ने 90 संदिग्ध पहचान वाले 90 लोगों के नाम पर कर्ज हासिल कर 8 करोड़ रुपए का चूना लगाया।
  • वहीं, प्रबंधन ने दो करोड़ रुपए के व्यक्तिगत बेहिसाबी धन को सफेद करने के लिए इसका इस्तेमाल किया।
  • जयपुर के एक सहकारी बैंक में डेढ़ करोड़ रुपए बैंक के क्लियरिंग हाउस कमरे की अलमारी में पाए गए।
  • विभाग ने कई शहरों में बिना आवंटन वाले तथा बेनामी लॉकरों से भारी मात्रा में नकदी बरामद की। इनमें सोलापुर, पंधारपुर (महाराष्ट्र), सूरत (गुजरात) और राजस्थान के जयपुर के बैंक शामिल हैं।
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