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खरीफ फसलों की बुवाई 992 लाख हेक्टेयर के पार, इस बार होगा दालों का रिकॉर्ड उत्‍पादन

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Aug 20, 2016 09:59 am IST,  Updated : Aug 20, 2016 09:59 am IST

अच्छी बरसात और अधिक बाजार कीमतों के कारण चालू खरीफ सत्र में अभी तक बुवाई के रकबे में 35 फीसदी की वृद्धि हुई है और यह बढ़कर 136.04 लाख हेक्टेयर हो गया है।

खरीफ फसलों की बुवाई 992 लाख हेक्टेयर के पार, इस बार होगा दालों का रिकॉर्ड उत्‍पादन- India TV Hindi
खरीफ फसलों की बुवाई 992 लाख हेक्टेयर के पार, इस बार होगा दालों का रिकॉर्ड उत्‍पादन

नई दिल्ली। अच्छी बरसात और अधिक बाजार कीमतों के कारण चालू खरीफ सत्र में अभी तक बुवाई के रकबे में 35 फीसदी की वृद्धि हुई है और यह बढ़कर 136.04 लाख हेक्टेयर हो गया है। पिछले सत्र की समान अवधि में दलहन बुवाई का रकबा 100.57 लाख हेक्टेयर था, जिससे दलहनों का उत्पादन बढ़ने और नई फसल के बाजार में आने के बाद खुदरा कीमतों के कम होने की उम्मीद बढ़ी है। सरकार को दलहन उत्पादन फसल वर्ष 2016-17 (जुलाई से जून) में बढ़कर दो करोड़ टन होने की उम्मीद है, जो उत्पादन पिछले वर्ष एक करोड़ 64.7 लाख टन था।

19 अगस्त की स्थिति के अनुरूप बुवाई का कुल रकबा 992.76 लाख हेक्टेयर था, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 938.57 लाख हेक्टेयर था। इसमें कहा गया है कि धान की बुवाई चालू खरीफ सत्र में अभी तक 346.38 लाख हेक्टेयर में की गई है, जो पिछले सत्र में 334.26 लाख हेक्टेयर था। मोटे अनाजों की बुवाई का रकबा 180.20 लाख हेक्टेयर है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 167.69 लाख हेक्टेयर था। तिलहनों की बुवाई का रकबा बढ़कर 175.49 लाख हेक्टेयर हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 168.49 लाख हेक्टेयर था। हालांकि गन्ने की बुवाई का रकबा घटकर 45.55 लाख हेक्टेयर रह गया, जो पहले 49.60 लाख हेक्टेयर था। कपास बुवाई का रकबा भी पहले के 110.23 लाख हेक्टेयर से घटकर 101.54 लाख हेक्टेयर रह गया।

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जूट बुवाई का रकबा पहले की समान अवधि के 7.73 लाख हेक्टेयर के मुकाबले घटकर 7.56 लाख हेक्टेयर रह गया। धान के साथ-साथ अन्य खरीफ फसलों की बुवाई का काम जून में दक्षिण पश्चिम मानसून के आरंभ के साथ शुरू होता है और कटाई का काम अक्‍टूबर महीने से शुरू होता है। दो निरंतर सूखा पड़े वर्षो के कारण भारत ने पिछले दो फसल वर्षों (वर्ष 2015-16 और वर्ष 2014-15) में करीब 25.2 तथा 25.2 करोड़ टन खाद्यान्नों का उत्पादन किया। चालू वर्ष में बेहतर बरसात की उम्मीद के कारण सरकार फसल वर्ष 2016-17 में 27 करोड़ टन के रिकॉर्ड उत्पादन करने का लक्ष्य कर रही है।

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