1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. RBI ने बाजार से खरीदे ₹12,604 करोड़ के सरकारी बॉन्ड! जानें इस बड़े कदम का बैंकिंग और आपके पैसों पर क्या पड़ेगा असर

RBI ने बाजार से खरीदे ₹12,604 करोड़ के सरकारी बॉन्ड! जानें इस बड़े कदम का बैंकिंग और आपके पैसों पर क्या पड़ेगा असर

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Jul 28, 2026 11:15 pm IST,  Updated : Jul 28, 2026 11:22 pm IST

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मंगलवार को नीलामी के जरिए 12,604 करोड़ रुपये के सरकारी बॉन्ड वापस खरीद लिए। इस फैसले का मकसद सरकार के कर्ज का बेहतर प्रबंधन करना और बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त नकदी बनाए रखना है।

RBI ने खरीदे सरकारी...- India TV Hindi
RBI ने खरीदे सरकारी बॉन्ड Image Source : ANI

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सरकार के कर्ज प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने मंगलवार को नीलामी के जरिए 12,604 करोड़ रुपये के सरकारी बॉन्ड वापस खरीद लिए। इस फैसले का मकसद सरकार के कर्ज को बेहतर तरीके से मैनेज करना और फाइनेंशियल सिस्टम में बैलेंस बनाए रखना है। हालांकि, इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर तुरंत नहीं दिखेगा, लेकिन बैंकिंग सिस्टम और अर्थव्यवस्था के लिए यह कदम काफी अहम माना जा रहा है।

RBI की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, बाजार से कुल 16,959 करोड़ रुपये के ऑफर मिले थे, लेकिन केंद्रीय बैंक ने उनमें से 12,604.07 करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदने को मंजूरी दी। सबसे बड़ी खरीद 7.33% सरकारी सिक्योरिटी (GS) 2026 की रही, जिसमें RBI ने करीब 8,960.69 करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदे। इसके अलावा 8.15% GS 2026, 5.74% GS 2026 और 8.24% GS 2027 के बॉन्ड भी वापस खरीदे गए।

आखिर RBI ने बॉन्ड क्यों खरीदे?

सरकार समय-समय पर अपनी जरूरतों के लिए सरकारी बॉन्ड जारी करती है। जब इन बॉन्ड्स की मैच्योरिटी नजदीक आती है, तो RBI उन्हें पहले ही बाजार से खरीदकर सरकार के कर्ज का बोझ बेहतर तरीके से संभालने में मदद करता है। इस प्रक्रिया से सरकार को एक साथ बड़ी रकम चुकाने का दबाव कम होता है और कर्ज प्रबंधन अधिक व्यवस्थित हो जाता है।

बैंकिंग सिस्टम और आम लोगों पर क्या होगा असर?

इस तरह की खरीदारी से बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी की स्थिति मजबूत बनी रहती है। RBI के आंकड़ों के अनुसार, 27 जुलाई तक बैंकिंग सिस्टम में करीब 1.01 लाख करोड़ रुपये की एक्स्ट्रा लिक्विडिटी मौजूद थी। जब बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त नकदी रहती है, तो बैंकों के लिए फंड की उपलब्धता आसान होती है। इससे भविष्य में कर्ज देने की क्षमता मजबूत होती है और वित्तीय बाजार में स्थिरता बनी रहती है। हालांकि, इस फैसले से होम लोन, कार लोन या एफडी की ब्याज दरों में तुरंत कोई बदलाव होने की संभावना नहीं है।

अर्थव्यवस्था के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

RBI का यह कदम सरकार के कर्ज प्रबंधन को बेहतर बनाने के साथ-साथ वित्तीय बाजार में भरोसा बनाए रखने का भी प्रयास है। सरकारी बॉन्ड की समय से पहले खरीद से सरकार की भुगतान संबंधी जिम्मेदारियां बैलेंस रहती हैं और बाजार में अनिश्चितता कम होती है।

इनपुट- PTI

यह भी पढ़ें- देश में जल्द आएंगे ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोट! RBI के प्रस्ताव को सरकार की हरी झंडी; अब कागज वाले नोटों का क्या होगा?

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

rbi