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सरकारी बैंकों का जबरदस्त कमबैक! FY26 में टूटा कमाई का रिकॉर्ड, GNPA गिरकर 1.9% पर पहुंचा

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Jul 29, 2026 12:00 am IST,  Updated : Jul 29, 2026 12:00 am IST

भारत के सरकारी बैंकों (PSBs) ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए नया इतिहास रच दिया है। एक समय बढ़ते खराब कर्ज (NPA) की वजह से चर्चा में रहने वाले सरकारी बैंक अब रिकॉर्ड मुनाफे और मजबूत बैलेंस शीट के साथ वापसी कर चुके हैं।

सरकारी बैंकों की...- India TV Hindi
सरकारी बैंकों की रिकॉर्ड तोड़ कमाई Image Source : PTI

भारतीय बैंकिंग सेक्टर में सरकारी बैंकों ने शानदार वापसी की है। कभी बढ़ते हुए बैड लोन और कमजोर बैलेंस शीट से जूझ रहे पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs) ने अब अपनी वित्तीय स्थिति को काफी मजबूत कर लिया है। वित्त वर्ष 2025-26 में सरकारी बैंकों ने न सिर्फ रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया, बल्कि खराब कर्ज (NPA) को भी कई दशकों के निचले स्तर पर पहुंचा दिया है।

वित्त मंत्रालय के मुताबिक, FY26 में सरकारी बैंकों का कुल शुद्ध लाभ बढ़कर रिकॉर्ड ₹1.98 लाख करोड़ पहुंच गया है। वहीं, ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) घटकर सिर्फ 1.9 फीसदी रह गया है, जो अब तक का सबसे बेहतर स्तर है।

चार साल में बदली सरकारी बैंकों की तस्वीर

वित्त मंत्रालय ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में सरकारी बैंकों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2021-22 में जहां PSBs का कुल मुनाफा सिर्फ ₹0.67 लाख करोड़ था, वहीं FY26 में यह बढ़कर करीब तीन गुना हो गया और ₹1.98 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसी दौरान बैंकों के खराब कर्ज में भी बड़ी गिरावट आई है। FY22 में सरकारी बैंकों का GNPA करीब 7.3 फीसदी था, जो लगातार कम होते हुए FY26 में सिर्फ 1.9 फीसदी रह गया।

बैंकिंग कारोबार में भी जबरदस्त बढ़ोतरी

सरकारी बैंकों का कुल कारोबार भी तेजी से बढ़ा है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, FY26 में PSBs का कुल कारोबार ₹283 लाख करोड़ को पार कर गया। बैंकों में जमा राशि भी लगातार बढ़ी है। FY22 में सरकारी बैंकों के पास कुल जमा राशि ₹107.2 लाख करोड़ थी, जो FY26 में बढ़कर ₹156.3 लाख करोड़ हो गई।वहीं, लोन और एडवांस की राशि भी इस दौरान ₹74.3 लाख करोड़ से बढ़कर ₹127 लाख करोड़ हो गई है।

MSME और रिटेल लोन में तेज ग्रोथ

सरकारी बैंकों ने छोटे कारोबारियों और आम ग्राहकों को कर्ज देने में भी तेजी दिखाई है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, FY26 में MSME लोन में 19.6 फीसदी और रिटेल लोन में 19.8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे छोटे कारोबार, घर खरीदने वाले ग्राहकों और पर्सनल जरूरतों के लिए कर्ज की उपलब्धता बढ़ी है।

मजबूत हुआ बैंकों का कैपिटल बेस

सरकारी बैंकों की वित्तीय मजबूती का अंदाजा उनके कैपिटल रेशियो से भी लगाया जा सकता है। पिछले पांच सालों में बैंकों का कैपिटल टू रिस्क-वेटेड एसेट्स रेशियो (CRAR) 14.6 फीसदी से बढ़कर 16.6 फीसदी हो गया है।

सरकार ने शुरू की ECLGS 5.0 योजना

वित्त मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया संकट के कारण कारोबारियों को होने वाली आर्थिक परेशानियों को देखते हुए मई 2026 में आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS 5.0) शुरू की गई। इस योजना के तहत MSME को 100 फीसदी और गैर-MSME तथा शेड्यूल्ड पैसेंजर एयरलाइंस को 90 फीसदी तक गारंटी कवरेज दिया जाएगा। इस योजना के तहत कुल क्रेडिट सपोर्ट की सीमा ₹2.55 लाख करोड़ रखी गई है।

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