NCLAT orders review of McDonald's-Vikram Bakshi settlement
नई दिल्ली। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने बुधवार को मैकडोनाल्ड्स और उसके पूर्व भागीदार विक्रम बख्शी के बीच कनॉट प्लाजा रेस्तरां लिमिटेड में हिस्सेदारी बिक्री से जुड़े समझौते की समीक्षा करने का आदेश दिया है। अपीलीय न्यायाधिकरण ने कहा है कि मैकडोनाल्ड्स और बिक्रम बख्शी के बीच अदालत के बाहर हुआ समझौता प्रथम दृष्ट्या ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) के आदेश का उल्लंघन है और इस पर अमल नहीं किया जा सकता है।
एनसीएलएटी के चेयरपर्सन एस.जे. मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने बख्शी को बिना मंजूरी देश छोड़ने से भी मना किया है। अपीलीय न्यायाधिकरण ने कहा कि हमें पता चला है कि बख्शी और मैकडोनाल्ड्स के बीच जो समझौता हुआ है, वह पहली नजर में डीआरटी के अंतरिम आदेश के खिलाफ है।
एनसीएलएटी ने अपने आदेश में कहा कि दोनों पक्षों को यह समझौता अमल में नहीं लाना चाहिए और न ही डीआरटी या इस न्यायाधिकरण को सूचित किए बिना देश छोड़ना चाहिए। पिछले सुनवाई में अपीलीय न्यायाधिकरण ने बख्शी को हुडको के साथ मामले के निपटान का अंतिम अवसर दिया था।
हुडको बख्शी से 194 करोड़ रुपए के बकाये की मांग कर रहा है। एनसीएलएटी ने समझौते के खिलाफ हुडको की हस्तक्षेप याचिका को अनुमति दी थी। कनॉट प्लाजा रेस्तरां लिमिटेड अब मैकडोनाल्ड्स की पूर्ण अनुषंगी है। इसके अलग हुए भागीदार विक्रम बख्शी ने संयुक्त उद्यम में अपनी हिस्सेदारी अमेरिकी कंपनी को हस्तांतरित कर दी है।






































