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भारत नवाचार सूचकांक 2019: कर्नाटक टॉप पर, छोटे राज्‍यों में दिल्‍ली ने मारी बाजी, ये है पूरी लिस्‍ट

नीति आयोग ने ज्ञान साझेदार के रूप में प्रतिस्पर्धी क्षमता के लिए संस्थान (इंस्टीट्यूट फॉर कम्पीटिटिवनेस) के साथ मिलकर 'भारत नवाचार सूचकांक (III) 2019' जारी किया है।

India TV Business Desk India TV Business Desk
Updated on: October 18, 2019 13:22 IST
 india Innovation Index 2019- India TV Paisa

 india Innovation Index 2019

नई दिल्ली। नी‍ति आयोग ने ज्ञान साझेदार के रूप में प्रतिस्‍पर्धी क्षमता के लिए संस्‍थान (इंस्‍टीट्यूट फॉर कम्पीटिटिवनेस) के साथ मिलकर 'भारत नवाचार सूचकांक (III) 2019' जारी किया है। नवाचार के मामले में कर्नाटक अव्वल है, प्रमुख राज्यों में पहले तीन स्थान पर कर्नाटक के अलावा तमिलनाडु व महाराष्ट्र हैं। केंद्र शासित प्रदेश एवं छोटे राज्यों की श्रेणी में दिल्ली पहले पायदान पर है। 

दरअसल यह सूचकांक राज्यों की नवाचार की क्षमता और प्रदर्शन के सतत आकलन के लिए बनाया गया है। इस सूचकांक के निर्माण के लिए पांच सक्षम बनाने वाले पैमानों और दो प्रदर्शन के पैमानों पर राज्यों को परखा गया। सक्षम बनाने वाले पैमानों में मानव संसाधन, निवेश, कारोबार का माहौल, सुरक्षा और कानूनी वातावरण को रखा गया था। वहीं, ज्ञान के उत्पादन और ज्ञान के प्रसार को प्रदर्शन के पैमानों में रखा गया था। 

पूर्वोत्‍तर एवं पहाड़ी राज्‍यों में दिल्ली और सिक्किम सबसे आगे

इस दृष्टि से शेष शीर्ष 10 प्रमुख राज्‍यों में क्रमश: तमिलनाडु, महाराष्ट्र, तेलंगाना, हरियाणा, केरल, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात और आंध्र प्रदेश हैं। शीर्ष 10 प्रमुख राज्‍य मुख्‍यत: दक्षिण एवं पश्चिम भारत में केंद्रित हैं। सिक्किम और दिल्‍ली क्रमश: पूर्वोत्‍तर एवं पहाड़ी राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों/सिटी राज्‍यों/छोटे राज्‍यों में शीर्ष स्‍थान पर हैं। दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश कच्‍चे माल को उत्‍पादों में तब्‍दील करने के मामले में सर्वाधिक दक्ष राज्‍य हैं।

इस मौके पर नीति आयोग के उपाध्‍यक्ष डॉ. राजीव कुमार, नीति आयोग के सीईओ श्री अमिताभ कांत, विज्ञान विभाग में सचिव श्री आशुतोष शर्मा, जैव प्रौद्योगिकी विभाग में सचिव रेणु स्‍वरूप और आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा की उपस्थिति में इस सूचकांक को जारी किया गया।

असंख्य चुनौतियों के बीच भारत के पास एक अनूठा अवसर- अमिताभ कांत

डॉ. राजीव कुमार ने उम्‍मीद जताई कि भारत नवाचार सूचकांक दरअसल नवाचार परिवेश के विभिन्‍न हितधारकों के बीच सामंजस्‍य सृजित करेगा और भारत आगे चलकर प्रतिस्‍पर्धी क्षमता वाले सुशासन की ओर अग्रसर हो जाएगा। अमिताभ कांत ने कहा कि दुनिया में अग्रणी अभिनव देश बनने के लिए अपनी असंख्य चुनौतियों के बीच भारत के पास एक अनूठा अवसर है। रेणु स्‍वरूप ने कहा कि प्रतिस्‍पर्धी क्षमता के केंद्रीय बिन्‍दु के रूप में क्लस्‍टर आ‍धारित नवाचार से लाभ उठाया जाना चाहिए। आशुतोष शर्मा ने कहा कि देश में नवाचार के माहौल को बेहतर बनाने के लिए यह सूचकांक एक बड़ी शुरुआत है क्‍योंकि यह अभिनव आइडिया के कच्‍चे माल एवं उत्‍पाद दोनों से ही जुड़े घटकों पर फोकस करता है। वैद्य कोटेचा ने कहा कि यह सूचकांक एक-दूसरे के साथ राज्‍य के प्रदर्शन के मानकीकरण और प्रतिस्‍पर्धी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए एक अच्‍छा प्रयास है।

क्या है नवाचार के मायने

इसका मतलब है नई पहल। इसके तहत यह देखा जाता है कि कौन राज्य किस क्षेत्र में और क्यों बेहतर कर रहा है। वहां राज्य के संसाधन, तकनीक और मानव संसाधन के बीच कैसा ताममेल है। इसके लिए उसने किस तरह की मदद ली और उनमें किस तरह की चुनौतियां सामने आईं और उसे कहां तक हल करने में सफल रहा। साथ ही इसका वहां के लोगों पर क्या असर पड़ा। नवाचार में निवेशक, शोधकर्ता और आविष्कारक सभी को एक मंच मिलता है।

नवाचार सूचकांक की जरूरत क्यों?

देश के सभी राज्यों की भौगोलिक और आर्थिक स्थिति भिन्न हैं। जब केन्द्र सरकार कोई योजना बनाती है तो कई बार किसी राज्य के लिए वह उतना फायदेमंद नहीं हो पाता जितनी उम्मीद होती है। नवाचार सूचकांक के जरिए राज्यों का मजबूत और कमजोर पक्ष सामने आएगा। इससे जरूरत के मुताबिक नीति बनाने में मदद मिलेगी।

राज्‍य

III रैंक

सक्षम रैंक

प्रदर्शन रैंक

प्रमुख राज्‍य

 

 

 

कर्नाटक

1

3

1

तमिलनाडु

2

5

2

महाराष्‍ट्र

3

1

3

तेलंगाना

4

9

4

हरियाणा

5

2

7

केरल

6

4

8

उत्‍तर प्रदेश

7

15

5

पश्चिम बंगाल

8

11

6

गुजरात

9

6

9

आंध्र प्रदेश

10

8

10

पंजाब

11

7

13

ओडिशा

12

10

11

राजस्‍थान

13

12

12

मध्‍य प्रदेश

14

13

14

छत्‍तीसगढ़

15

14

17

बिहार

16

16

15

झारखंड

17

17

16

 

 

 

 

पूर्वोत्‍तर एवं पहाड़ी राज्‍य

 

 

 

सिक्किम

1

1

11

हिमाचल प्रदेश

2

2

5

उत्‍तराखंड

3

4

1

मणिपुर

4

3

4

जम्‍मू –कश्‍मीर

5

5

3

त्रिपुरा

6

6

9

अरुणाचल प्रदेश

7

7

6

असम

8

11

2

नगालैंड

9

9

7

मिजोरम

10

8

10

मेघालय

11

10

8

 

 

 

 

केंद्र शासित प्रदेश/सिटी राज्‍य/छोटे राज्‍य

दिल्‍ली

1

3

1

चंडीगढ़

2

2

2

गोवा

3

1

5

पुडुचेरी

4

5

6

अंडमान एवं निकोबार द्वीप

5

4

7

दमन एवं दीव

6

7

3

दादरा एवं नागर हवेली

7

8

4

लक्षद्वीप

8

6

8

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