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वित्त वर्ष 2019-20 के लिये 5 जनवरी तक 5.08 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न भरे गये

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Jan 06, 2021 10:35 pm IST,  Updated : Jan 06, 2021 10:38 pm IST

पांच जनवरी तक 2.7 करोड़ से अधिक आईटीआर-1 भरे गये जो पांच सितंबर, 2019 तक भरे गये 3.1 करोड़ के मुकाबले कम है। वहीं आईटीआर-4 के संदर्भ में पांच जनवरी तक 1.16 करोड़ रिटर्न भरे गये जो पांच सितंबर, 2019 तक 1.28 करोड़ थे।

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5 जनवरी तक 5 करोड़ से ज्यादा आईटीआर भरे गए Image Source : FILE PHOTO

नई दिल्ली। आयकर विभाग ने बुधवार को कहा कि वित्त वर्ष 2019-20 (आकलन वर्ष 2020- 21) के लिये पांच जनवरी तक 5.08 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न भरे गये। सरकार ने व्यक्तिगत आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाकर 10 जनवरी और कंपनियों के लिये 15 फरवरी कर दी है। आयकर विभाग ने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘आकलन वर्ष 2020-21 के लिये 5.08 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न 5 जनवरी, 2021 तक भरे जा चुके हैं।’’ वित्त वर्ष 2018-19 (आकलन वर्ष 2019- 20)के लिये व्यक्तिगत तौर पर आईटीआर भरने की समयसीमा 31 अगस्त थी और उसके लिये 5.63 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न जमा किये गये। आंकड़ों के अनुसार पांच जनवरी तक 2.7 करोड़ से अधिक आईटीआर-1 भरे गये जो पांच सितंबर, 2019 तक भरे गये 3.1 करोड़ के मुकाबले कम है। वहीं आईटीआर-4 के संदर्भ में पांच जनवरी तक 1.16 करोड़ रिटर्न भरे गये जो पांच सितंबर, 2019 तक 1.28 करोड़ थे।

आईटीआर-1 सहज वे लोग भरते हैं जिनकी आय 50 लाख रुपये से अधिक नहीं हैं जबकि आईटीआर-4 हिंदु अविभाजित परिवार (एचयूएफ) और कंपनियों (सीमित जवाबदेही भागीदारी वाली कंपनियों के अलावा) द्वारा भरी जाती हैं, जिनकी आय 50 लाख रुपये तक है और व्यापार तथा पेशे से आय प्राप्त होती है। पांच जनवरी तक आईटीआर-दो 38 लाख से अधिक लोगों ने भरा है। ये आईटीआर वे लोग भरते हैं जिनकी रिहायशी संपत्ति से आय है। वहीं आईटीआर-5 (एलएलपी और एसोसिएशन ऑफ पर्सन) 8.48 लाख तथा आईटीआर-6 (कंपनियां) 4.11 लाख भरे गये। जबकि आईटीआर-7 (वे लोग जिनकी आय ट्रस्ट के अंतर्गत रखी गयी संपत्ति से होती है) के तहत 1.23 लाख रिटर्न भरे गये।

इस साल कोरोना संकट को देखते हुए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख को तीन बार बढ़ाया जा चुका है। पहले इसे सामान्य समयसीमा 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 नवंबर, 2020 किया गया। उसके बाद इसे 31 दिसंबर, 2020 तक बढ़ाया गया। जिसके बाद इसे 31 दिसंबर से भी आगे बढा दिया गया।

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