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कोविड प्रतिबंधों के चलते अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों की बढ़ी मुश्किलें, कमाई पर पड़ रहा है बुरा असर

विस्तार के मनोनीत मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनोद कन्नन ने कहा कि विमानन क्षेत्र के पुनरुद्धार की सभी भविष्यवाणियां गलत साबित हुई हैं।

India TV Paisa Desk Edited by: India TV Paisa Desk
Updated on: November 21, 2021 15:01 IST
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कोविड प्रतिबंधों के चलते अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों की बढ़ी मुश्किलें, कमाई पर पड़ रहा है बुरा असर 

Highlights

  • घरेलू हवाई यातायात कोविड-19 से पहले के स्तर के पास पहुंचा
  • परिचालन निलंबित रहने से ज्यादातर एयरलाइंस की वित्तीय सेहत प्रभावित
  • दुनियाभर में स्थिति अभी अप्रत्याशित

मुंबई। महामारी के बादल छंटने के बीच विस्तार एयरलाइन ने कहा है कि भारत से और भारत के लिए अनुसूचित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें लंबे समय तक स्थगित रहने से ज्यादातर एयरलाइंस की वित्तीय सेहत प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही विस्तार ने आगाह किया कि विमानन क्षेत्र के संकट से बाहर आ जाने का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी ही होगी। 

विस्तार के मनोनीत मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनोद कन्नन ने कहा कि विमानन क्षेत्र के पुनरुद्धार की सभी भविष्यवाणियां गलत साबित हुई हैं। यह कहना जल्दबाजी होगी कि भारतीय विमानन उद्योग पूरी तरह से संकट से बाहर आ चुका है। विस्तार ने महामारी के दौरान आठ अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ानें शुरू की हैं। 

कुछ देशों में संक्रमण बढ़ने के बीच इस अप्रत्याशित स्थिति में भी एयरलाइन ने ‘कुशल’ तरीके से परिचालन का रुख अपनाया हुआ है। घरेलू मोर्चे पर हवाई यातायात कोविड-19 से पहले के स्तर के पास पहुंच चुका है। एक साल पहले की तुलना में घरेलू स्तर पर हवाई यातायात 70 प्रतिशत बढ़ा है। 

कन्नन ने कहा, ‘‘अनुसूचित अंतरराष्ट्रीय परिचालन के लंबे समय तक निलंबित रहने से ज्यादातर एयरलाइंस की वित्तीय सेहत प्रभावित हो रही है, जिससे उनकी आमदनी पर दबाव बढ़ रहा है।’’ कन्नन ने ई-मेल के जरिये दिए इस साक्षात्कार में कहा, ‘‘हालांकि दुनियाभर में टीकाकरण से सकारात्मकता पैदा हुई है, लेकिन स्थिति अभी अप्रत्याशित है।’’ 

कन्नन अभी विस्तार के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी (सीसीओ) हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में लगातार यात्रा पाबंदियों की वजह से अंतरराष्ट्रीय खंड में मांग का पुराने स्तर पर पहुंचना अभी काफी दूर है। महामारी के कारण मार्च, 2020 के अंत से भारत के लिए और भारत से अनुसूचित अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाएं निलंबित हैं। भारत एयर बबल व्यवस्था के तहत 25 से अधिक देशों के लिए हवाई उड़ानों का परिचालन कर रहा है। अभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 30 नवंबर तक निलंबित हैं। लेकिन आगे के लिए भी स्थिति साफ नहीं है। 

कुछ देशों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें सामान्य हो पाएंगी या नहीं, यह तय नहीं है। इस सप्ताह की शुरुआत में नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाओं को सामान्य करने के संबंध में ‘प्रक्रिया का आकलन' किया जा रहा है। महामारी के दौरान विस्तार ने आठ अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों - लंदन हीथ्रो, ढाका, दुबई, दोहा, फ्रैंकफर्ट, शारजाह, माले और पेरिस के लिए उड़ानें शुरू की थीं।

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