1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. रेस्‍टॉरेंट्स और छोटे कारोबारी कर रहे हैं GST की चोरी, विभाग ने बढ़ाई इनपर निगरानी

रेस्‍टॉरेंट्स और छोटे कारोबारी कर रहे हैं GST की चोरी, विभाग ने बढ़ाई इनपर निगरानी

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Apr 29, 2019 07:54 pm IST,  Updated : Apr 29, 2019 07:54 pm IST

कई उपभोक्ताओं ने एक मोबाइल एप-IRIS Peridot के जरिये शिकायत दर्ज कराई है कि छोटे रेस्टॉरेंट्स में उनसे जीएसटी वसूला जा रहा है लेकिन इस कर को सरकारी खजाने में जमा नहीं कराया गया

Restaurants, small B2C entities under scanner for GST evasion- India TV Hindi
Restaurants, small B2C entities under scanner for GST evasion Image Source : RESTAURANTS

नई दिल्ली। माल एवं सेवाकर (जीएसटी) अधिकारियों की नजर उन छोटे रेस्‍टॉरेंट्स और बी2सी कारोबारियों पर है, जो कि ग्राहकों से कर वसूली करते हैं लेकिन उसे सरकारी खजाने में जमा नहीं करा रहे हैं। ऐसे मामलों से निपटने के लिए जीएसटी अधिकारी एक प्रणाली भी तैयार करने में लगे हैं। 

कई उपभोक्ताओं ने एक मोबाइल एप-IRIS Peridot के जरिये शिकायत दर्ज कराई है कि छोटे रेस्‍टॉरेंट्स में उनसे जीएसटी वसूला जा रहा है लेकिन इस कर को सरकारी खजाने में जमा नहीं कराया गया और न ही इन रेस्‍टॉरेंट्स ने जीएसटी रिटर्न दाखिल किया। 

इस एप को कई ग्राहकों ने डाउनलोड किया है। यह एप जीएसटी सुविधा प्रदाता द्वारा विकसित की गई है। इसमें कारोबारी अथवा सेवा प्रदाता के जीएसटी पहचान संख्या को स्कैन कर यह पता किया जा सकता है कि उस कारोबारी ने रिटर्न दाखिल किया है अथवा नहीं। 

उल्लेखनीय है कि डेढ करोड़ रुपए तक का कारोबार करने वाले छोटे व्यवसायों को कंपोजीशन योजना लेने का विकल्प है। उन्हें प्रत्येक तिमाही रिटर्न दाखिल करनी होती है। लेकिन कंपोजीशन योजना अपनाने वाले कारोबारी ग्राहकों से जीएसटी नहीं वसूल सकते हैं। उन्हें अपने बिल अथवा चालान पर भी यह लिखना होगा कि वह कंपोजीशन योजना के तहत आते हैं, इसलिए माल की आपूर्ति अथवा दी गई सेवा पर जीएसटी लेने के हकदार नहीं है। 

कंपोजीशन योजना के तहत आने वाले व्यापारियों, कारोबारियों और विनिर्माताओं को अपने कुल कारोबार पर मात्र एक प्रतिशत की दर से जीएसटी का भुगतान करना होता है, जबकि कंपोजीशन योजना के तहत आने वाले रेस्‍टॉरेंट्स को पांच प्रतिशत और सेवा प्रदाताओं को छह प्रतिशत की दर से जीएसटी भुगतान की सुविधा दी गई है। इस राशि को वह ग्राहकों से नहीं वसूल सकते हैं। 

एक अधिकारी ने कहा कि हमें उपभोक्ताओं से ऐसी कई शिकायतें मिलीं हैं कि जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करने वाली कई इकाइयां ग्राहकों से जीएसटी वसूल रहीं हैं। कुछ उपभोक्ताओं ने छोटे स्थानीय रेस्‍टॉरेंट्स द्वारा जीएसटी वसूले जाने की शिकायत की है। ये रेस्‍टॉरेंट जबकि कंपोजीशन योजना के तहत आते हैं।  

अधिकारी ने कहा कि शिकायतों की संख्या काफी ज्यादा है। कर विभाग ऐसी प्रणाली पर काम कर रहा है जिससे यह पता लगाया जा सके कि कितने कर की चोरी हुई है। उसके बाद इन मामलों को फील्ड में काम करने वाले अधिकारियों के पास भेज दिया जाएगा।  

अधिकारी ने बताया कि इसी तरह की शिकायतें हार्डवेयर, सैनिटरी वेयर, फर्नीचर, इलेक्ट्रिकल सामान जैसे कारोबारियों की भी मिल रही हैं। पीडब्ल्यूसी इंडिया के पार्टनर एवं लीडर (अप्रत्यक्ष कर) प्रतीक जैन ने कहा कि बी2सी के स्तर पर कर चोरी सरकार के लिए बड़ी चिंता की बात है। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा