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सेबी ने मांगी सहारा की कंपनियां बेचने की मंजूरी, सुप्रीम कोर्ट दो फरवरी को करेगी याचिका पर सुनवाई

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Jan 06, 2016 09:38 pm IST,  Updated : Jan 06, 2016 09:45 pm IST

मार्च 2014 से जेल में बंद सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय सहारा की दो कंपनियों की बिक्री के लिए सेबी ने सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मांगी है।

सेबी ने मांगी सहारा की कंपनियां बेचने की मंजूरी, सुप्रीम कोर्ट दो फरवरी को करेगी याचिका पर सुनवाई- India TV Hindi
सेबी ने मांगी सहारा की कंपनियां बेचने की मंजूरी, सुप्रीम कोर्ट दो फरवरी को करेगी याचिका पर सुनवाई

नई दिल्‍ली। मार्च 2014 से जेल में बंद सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय सहारा की दो कंपनियों की बिक्री की मंजूरी सेबी ने मांगी है। सुप्रीम कोर्ट निवेशकों का धन वापस करने के संबंध में एक अंतरिम आदेश जारी किए जाने के आग्रह के साथ दायर सेबी की याचिका पर दो फरवरी को सुनवाई करने पर सहमत हो गया है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इस याचिका में संकटग्रस्त सहारा समूह की दो कंपनियों की बिक्री के लिए रिसीवर की नियुक्ति की अपील की है, जिससे 36,000 करोड़ रुपए की राशि जुटाकर निवेशकों का भुगतान किया जा सके।

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सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय इस मामले में मार्च, 2014 से जेल में हैं। मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस याचिका पर कहा कि हम इस पर दो फरवरी को 3.30 बजे सुनवाई करेंगे। इससे पहले सेबी की ओर से उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दातार ने याचिका पर सुनवाई किए जाने की अपील की। सेबी ने इसमें मांग की है कि इस मामले से जुड़ी सहारा समूह की दो कंपनियों द्वारा अदालती आदेश के बावजूद निवेशकों का धन नहीं लौटाए जाने के मद्देनजर उनकी परिसंपत्तियों का नियंत्रण लेने के लिए न्यायालय एक रिसीवर की नियुक्ति करे।

दातार ने कहा कि निवेशकों का धन लौटाने के मामले में तीन महीने से कोई प्रगति नहीं हुई है। हमें एक अंतरिम आदेश की जरूरत है। इससे पहले अदालत ने सहारा समूह से जवाब मांगा कि निवेशकों के धन की वापसी हेतु 36,000 करोड़ रुपए की व्यवस्था करने के लिए उनकी संपत्ति की बिक्री के लिए क्यों न रिसीवर की नियुक्ति की जाए। सहारा समूह ने हालांकि कहा कि एक यूरोपीय कंपनी ने समूह के बंदी मुखिया की मदद के लिए 72 करोड़ यूरो (यानी 5,000 करोड़ रुपए) का ऋण देने की पेशकश की है। सेबी का कहना है कि सहारा समूह की दोनों कंपनियां निवेशकों का पैसा लौटाने के शीर्ष अदालत के 31 अगस्त, 2012 के आदेश का अनुपालन करने की स्थिति में नहीं हैं। इसी आधार पर वह उनकी संपत्तियों पर नियंत्रण के लिए रिसीवर की नियुक्ति किए जाने की मांग कर रहा है। इससे पहले भी पीठ ने कहा था कि सहारा समूह को सेबी-सहारा खाते में धन जमा कराने के लिए संपत्ति बेचने में मुश्किल हो रही है। न्यायालय ने राय की अंतरिम जमानत के लिए शर्त लगा रखी है कि वे 5,000 करोड़ रुपए नकद और इतने की ही बैंक गारंटी दें।

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