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तंबाकू उत्पादों पर 85% चेतावनी संबंधी नियम वापस लेने की मांग, इंडस्ट्री को 350 करोड़ रुपए रोजाना नुकसान

 Written By: Dharmender Chaudhary
 Published : Apr 13, 2016 09:38 am IST,  Updated : Apr 13, 2016 09:38 am IST

सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद बेचने वाले खुदरा विक्रेताओं ने सरकार से नए नियम को वापस लेने की मांग की। उत्पादन बंद होने से 350 करोड़ का नुकसान हो रहा है।

तंबाकू उत्पादों पर 85% चेतावनी संबंधी नियम वापस लेने की मांग, इंडस्ट्री को 350 करोड़ रुपए रोजाना नुकसान- India TV Hindi
तंबाकू उत्पादों पर 85% चेतावनी संबंधी नियम वापस लेने की मांग, इंडस्ट्री को 350 करोड़ रुपए रोजाना नुकसान

नई दिल्ली। इंडस्ट्री के बाद सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद बेचने वाले छोटे खुदरा विक्रेताओं ने सरकार से नए नियम को वापस लेने की मांग की। दूसरी ओर उद्योग मंडल एसोचैम ने कहा कि सिगरेट कंपनियों द्वारा उत्पादन रोक दिए जाने के कारण तंबाकू इंडस्ट्री को हर दिन 350 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। गौरतलब है कि सरकार ने तंबाकू उत्पादों के पैकेट पर चित्रात्मक चेतावनी का आकार बढ़़ाकर 85 फीसदी तक करने का आदेश दिया है।

उद्योग मंडल एसोचैम ने कहा कि सिगरेट कंपनियों द्वारा अपना परिचालन रोक दिए जाने के कारण तंबाकू उद्योग को हर दिन 350 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। तंबाकू उत्पादों की पैकेजिंग पर चित्रात्मक चेतावनी को लेकर कथित अस्पष्टता के चलते सिगरेट कंपनियों ने उत्पादन रोक दिया है। एसोचैम ने एक बयान में कहा है कि स्पष्टता के अभाव से अवैध आयात का जोखिम भी कई गुना बढ़ गया है। बयान में कहा गया है, सिगरेट विनिर्माता अपना परिचालन बंद करने को मजबूर हुए हैं जिससे तंबाकू इंडस्ट्री को 350 करोड़ रुपए प्रति दिन से अधिक का नुकसान हो रहा है।

सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद बेचने वाले छोटे खुदरा विक्रेताओं ने ऐसे उत्पादों के पैकेट पर चित्रात्मक चेतावनी का आकार बढ़़ाकर 85 फीसदी तक करने के सरकारी आदेश को वापस लेने की मांग आज की। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) ने एक बयान में कहा, छोटे तंबाकू खुदरा विक्रेता 85 फीसदी चित्रात्मक चेतावनी संबंधी नियम को वापस लेने की मांग करते हैं। तंबाकू कंपनियों द्वारा तंबाकू उत्पादों का उत्पादन रोक दिए जाने से उनकी आजीविका पर खतरा मंडरा रहा है।

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